एशियन गेम्स 2026: सतनाम सिंह और सलमान खान ने रोइंग में रचा इतिहास, डबल स्कल्स में भारत को दिलाया पहला कांस्य
भारतीय रोइंग दल ने एशियन गेम्स 2026 में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जहां सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी ने पुरुषों के डबल स्कल्स स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया। एशियाई खेलों के इतिहास में पहली बार भारत को इस श्रेणी में कोई पदक प्राप्त हुआ है।
नागरागावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स पर संपन्न हुए खिताबी मुकाबले में सतनाम और सलमान ने 6:13.25 का समय दर्ज करते हुए तीसरा स्थान सुरक्षित किया। भारतीय नौका 1,500 मीटर की दूरी तक दूसरे स्थान पर चल रही थी, किंतु रेस के अंतिम 500 मीटर के चरण में पिछड़ने की वजह से टीम को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। इस रेस में चीन के यी शुदी और यीदे नी ने 6:09.37 के समय के साथ स्वर्ण तथा उज्बेकिस्तान के पावेल सोरिन व मेखरोजबेक मामातकुलोव ने 6:10.49 के समय के साथ रजत पदक प्राप्त किया।
डबल स्कल्स में देश को पहला पदक दिलाने वाले सतनाम सिंह का एशियाई खेलों में यह लगातार दूसरा पदक है। वे पूर्व में हांगझोउ एशियाई खेलों के दौरान पुरुषों की क्वाड्रुपल स्कल्स प्रतियोगिता में भी कांस्य पदक जीत चुके हैं।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दोनों एथलीट्स की प्रशंसा की। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि सतनाम और सलमान के संयम और आपसी तालमेल के दम पर ही भारत को यह पदक हासिल हुआ है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह जीत उन्हें भविष्य की प्रतियोगिताओं में और अधिक उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करेगी।
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू तथा पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी ‘एक्स’ के जरिए दोनों रोअर्स को उनकी इस कामयाबी पर बधाई दी और इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया।
इसके अतिरिक्त, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एशियन गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीतने पर भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम की सराहना की। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि टीम की यह उपलब्धि खिलाड़ियों के दृढ़ संकल्प और संघर्ष क्षमता को दर्शाती है, जिसमें हर सदस्य का योगदान सराहनीय रहा।

