एशियाई खेल 2026: मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग में पक्का किया सिल्वर, सीएम खेमचंद सिंह ने दी बधाई

भारत की शीर्ष भारोत्तोलक साइखोम मीराबाई चानू ने बुधवार को जापान में चल रहे एशियाई खेल 2026 के 49 किलोग्राम भारवर्ग में कुल 198 किग्रा भार उठाकर भारत की झोली में रजत पदक डाला। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने चानू की इस उपलब्धि को पूरे राज्य और देश के लिए अत्यंत गौरवशाली बताते हुए उनकी सराहना की।

प्रतियोगिता में 32 वर्षीय मीराबाई ने स्नैच वर्ग में 87 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 111 किग्रा का सफल प्रयास किया। मुकाबले में 210 किग्रा के कुल स्कोर के साथ उत्तर कोरिया की री सोंग-गम शीर्ष पर रहते हुए स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहीं, जबकि इंडोनेशिया की विजयाना लुलुक डियानी ट्राई ने 191 किग्रा भार उठाकर कांस्य पदक प्राप्त किया। इस शानदार प्रदर्शन से एशियाई खेलों में पदक तालिका तक पहुंचने का चानू का वर्षों का सपना साकार हो गया।

टोक्यो ओलंपिक 2020 की पदक विजेता चानू का एशियाई खेलों का पिछला रिकॉर्ड चुनौतियों से भरा रहा था। शारीरिक चोट की वजह से वह 2018 के खेलों में शामिल नहीं हो पाई थीं। वहीं 2022 के हांगझोऊ एशियाई खेलों में क्लीन एंड जर्क के दौरान जांघ की चोट के कारण वह पदक की दौड़ से बाहर होकर चौथे स्थान पर खिसक गई थीं।

मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने ‘एक्स’ के माध्यम से बधाई संदेश जारी करते हुए कहा कि मीराबाई ने 198 किग्रा भार उठाकर राज्य का नाम रोशन किया है। ताइक्वांडो पृष्ठभूमि से आने वाले मुख्यमंत्री ने कहा कि चानू की दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और ताकत ने भारत को वैश्विक स्तर पर सम्मान दिलाया है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि उनकी यह ऐतिहासिक सफलता युवा एथलीटों को बड़ी उपलब्धियों की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देगी।

बुधवार को ही खेल के मैदान से भारत के लिए दूसरी अच्छी खबर वुशू से आई, जहां नाओरेम रोशिबिना देवी ने 60 किग्रा वुशू सांडा स्पर्धा के खिताबी मुकाबले में जगह बना ली। इसके साथ ही उन्होंने कम से कम रजत पदक सुरक्षित कर लिया है और वह स्वर्ण पदक जीतने की प्रबल दावेदार बन गई हैं। इस उपलब्धि के साथ रोशिबिना ने लगातार तीसरा कॉन्टिनेंटल पदक जीतने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।

मणिपुर पुलिस ने अपने विभाग में पुलिस उपाधीक्षक के पद पर सेवारत नाओरेम रोशिबिना देवी को नागोया में होने वाले आगामी फाइनल मुकाबले के लिए सोशल मीडिया पर बधाई दी। विभाग ने कहा कि लगातार तीन एशियाई खेलों में पदक सुरक्षित करने वाली पहली भारतीय वुशू एथलीट बनकर उन्होंने नया इतिहास रचा है। पुलिस परिवार और प्रदेश के नागरिक उनके स्वर्ण पदक मुकाबले के लिए पूरी तरह उनके समर्थन में खड़े हैं।

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