वॉशिंगटन पहुंचे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग: 62 साल बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने एयरपोर्ट पर की विदेशी राष्ट्राध्यक्ष की अगवानी

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपनी तीन दिवसीय राजकीय यात्रा के सिलसिले में बुधवार शाम वाशिंगटन पहुंचे, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वयं हवाई अड्डे पर उपस्थित रहकर उनका भव्य स्वागत किया। शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का विमान स्थानीय समयानुसार शाम 5:39 बजे (भारतीय समय के अनुसार गुरुवार तड़के 3:09 बजे) मैरीलैंड के ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर उतरा। पिछले छह महीनों से भी कम अवधि में दोनों राष्ट्राध्यक्षों के मध्य यह दूसरा शिखर सम्मेलन है।

हवाई अड्डे पर औपचारिक स्वागत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने शाम 6:01 बजे विमान की सीढ़ियों के पास शी और पेंग का अभिवादन किया। अमेरिकी इतिहास में 1962 के बाद यह पहला मौका है जब किसी राष्ट्रपति ने किसी विदेशी नेता की अगवानी के लिए स्वयं एयरपोर्ट का रुख किया हो; उस समय राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री हेरोल्ड मैकमिलन का इस प्रकार स्वागत किया था। संक्षिप्त शिष्टाचार भेंट के बाद दोनों देशों के नेता 100 फीट लंबे रेड कार्पेट पर आगे बढ़े। 21 सदस्यीय सम्मान गारद, तोपों की औपचारिक सलामी और दोनों देशों के राष्ट्रगान के बीच अमेरिकी वायुसेना के दो बी-1 बॉम्बर्स ने हवाई क्षेत्र के ऊपर से उड़ान भरी। इसके बाद शी जिनपिंग वाहनों के काफिले से अपने गंतव्य के लिए निकले, जबकि ट्रंप और मेलानिया मरीन वन हेलीकॉप्टर के जरिए व्हाइट हाउस रवाना हो गए।

चीनी प्रतिनिधिमंडल में कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो की स्थायी समिति के सदस्य काई छी और विदेश मंत्री वांग यी जैसे शीर्ष कूटनीतिज्ञ शामिल हैं। दोनों पक्षों के बीच होने वाली उच्चस्तरीय बातचीत में व्यापार शुल्क, एआई, उच्च तकनीक, रक्षा संबंध, पश्चिम एशिया का तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध, अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा और ताइवान को सैन्य उपकरणों की बिक्री जैसे जटिल विषय एजेंडे में प्रमुख रहेंगे। हालांकि, राजनीतिक जानकारों के अनुसार इस यात्रा से दोनों महाशक्तियों के बुनियादी रिश्तों में किसी आकस्मिक या बड़े परिवर्तन की अपेक्षा नहीं की जा रही है।

राजनयिक प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने न्यूयॉर्क में कहा कि वाशिंगटन और बीजिंग के संबंध 21वीं सदी का भविष्य तय करने वाले हैं। उन्होंने स्वीकारा कि दोनों पक्षों में गंभीर असहमतियां मौजूद हैं, लेकिन शीर्ष स्तर पर बातचीत से कतराना गैर-जिम्मेदाराना रुख होगा। रुबियो ने जोर देकर कहा कि चीन कोई छोटा देश नहीं है, इसलिए मतभेदों के बावजूद सर्वोच्च स्तर पर निरंतर संवाद आवश्यक है। इससे पूर्व, मेलानिया ट्रंप ने एक टेलीविजन साक्षात्कार में बताया कि उनके पति का व्यक्तिगत रूप से अगवानी करने का फैसला आपसी अच्छे संबंधों का प्रतीक है, ताकि अमेरिकी धरती पर आए मेहमान का गरिमापूर्ण स्वागत सुनिश्चित किया जा सके।

दौरे के अगले चरण में बृहस्पतिवार को व्हाइट हाउस में शी जिनपिंग का पारंपरिक स्वागत और सलामी गारद का निरीक्षण होगा, जिसके बाद दोनों नेता महत्वपूर्ण विषयों पर द्विपक्षीय चर्चा करेंगे। शाम को व्हाइट हाउस में औपचारिक राजकीय रात्रिभोज आयोजित होगा, जिसमें स्पेसएक्स के एलन मस्क और एनवीडिया के जेन्सेन हुआंग जैसे तकनीकी क्षेत्र के प्रमुख उद्यमी भी शामिल रहेंगे। यह आयोजन मई में ट्रंप के चीन दौरे के औपचारिक सत्कार के जवाब में किया जा रहा है। यात्रा के अंतिम दिन शुक्रवार को दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच चाय पर निजी बातचीत होगी, जिसके उपरांत वे वाशिंगटन स्थित नेशनल आर्काइव्स जाएंगे, जहां दोनों देशों के ऐतिहासिक कूटनीतिक संपर्कों से जुड़े दस्तावेज दिखाए जाएंगे।

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