एशियन गेम्स: भारतीय महिला हॉकी टीम ने दक्षिण कोरिया को हराकर पक्का किया पदक, अब स्वर्ण के लिए चीन से मुकाबला

भारतीय महिला हॉकी टीम ने बुधवार को जापान के काकामिगहारा में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में दक्षिण कोरिया को 2-0 से मात देकर एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में जगह बना ली है। इस जीत के साथ भारतीय दल ने टूर्नामेंट में एक पदक तय कर लिया है, जहां अब स्वर्ण पदक के लिए टीम की भिड़ंत चीन से होगी।
मैच के शुरुआती हिस्से में सलीमा टेटे की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने खेल की गति पर पूरी तरह नियंत्रण रखा। पहले पंद्रह मिनट में टीम को गोल करने के कई पेनाल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन विरोधी रक्षापंक्ति के चलते वे मौके गोल में तब्दील नहीं हो सके। भारतीय टीम ने कई मैदानी मूव भी बनाए, पर कोरियाई डिफेंस अडिग रहा। इसी बीच कोरिया की ओर से हुए कुछ चुनिंदा हमलों को भारतीय डिफेंडरों ने कुशलता से रोक दिया।
मुकाबले का दूसरा क्वार्टर भी गोलरहित रहा, हालांकि भारतीय आक्रमण लगातार जारी रहा। इस चरण में नवनीत कौर ने गोल करने का एक जोरदार प्रयास किया, जिसे कोरियाई गोलकीपर ने मुस्तैदी दिखाते हुए रोक लिया। भारतीय टीम के निरंतर दबाव के बावजूद मध्यांतर तक दोनों ही टीमें खाता खोलने में असमर्थ रहीं।
तीसरे क्वार्टर में निरंतर आक्रमण का फल भारत को खेल के 44वें मिनट में मिला। कोरियाई घेराबंदी को भेदते हुए इशिका ने सटीक निशाने के साथ गोल दागकर भारत को 1-0 से आगे कर दिया। इसके बाद अंतिम क्वार्टर के शुरुआत में कप्तान सलीमा टेटे ने दाईं तरफ से गेंद को आगे बढ़ाते हुए सर्कल के अंदर डाला; बेसलाइन से वापस मुड़ी गेंद कोरियाई डिफेंडर की स्टिक से लगकर नेट में चली गई, जिससे भारत की बढ़त 2-0 हो गई।
अंतिम पलों में दक्षिण कोरिया ने गोल के अंतर को पाटने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन भारतीय डिफेंस ने कोई ढिलाई नहीं बरती और स्कोरलाइन को अंतिम सीटी तक बरकरार रखा।
इस जीत के साथ भारत के पास 1982 के बाद फिर से स्वर्ण पदक जीतने का मौका बन गया है। इससे पूर्व लीग चरण में भारत ने उज्बेकिस्तान (19-0), इंडोनेशिया (17-1), थाईलैंड (20-1), जापान (3-1) और सिंगापुर (7-0) को हराकर सेमीफाइनल का सफर तय किया था। दूसरी ओर, दक्षिण कोरिया को पूल चरण के पांच मैचों में एकमात्र हार चीन से मिली थी। अब शुक्रवार को फाइनल में भारत और चीन स्वर्ण पदक की जंग के लिए आमने-सामने होंगे।



