एशियन गेम्स 2026: महिला स्क्वैश स्पर्धा में भारत को मिला कांस्य, राष्ट्रपति ने सराहा टीम का प्रदर्शन

भारतीय महिला स्क्वैश दल ने एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में जगह बनाते हुए देश की झोली में कांस्य पदक डाला है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अनाहत सिंह, तन्वी खन्ना, जोशना चिनप्पा और शमीना रियाज की सराहना करते हुए उनकी इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की। सोशल मीडिया मंच एक्स के माध्यम से उन्होंने रेखांकित किया कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों के एकजुट प्रयास और समर्पण का प्रतिफल है।

नागोया के किंजो फुतो एरिना में खेले गए सेमीफाइनल मैच में हांगकांग की टीम ने भारत को 2-1 से शिकस्त दी, जिससे भारतीय टीम फाइनल की दौड़ से बाहर होकर तीसरे स्थान पर रही। पहले एकल मुकाबले में अनाहत सिंह ने जोरदार शुरुआत करते हुए पहले दो गेम 11-9 और 11-8 से अपने पक्ष में किए। हालांकि, हांगकांग की चान सिन युक ने जोरदार वापसी की और अगले तीन गेम क्रमशः 11-6, 13-11 और 12-10 से जीतकर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिला दी।

दूसरे मैच में तन्वी खन्ना ने टीम को मुकाबले में जीवित रखा। विश्व रैंकिंग में 40वें पायदान पर काबिज ली का यी के खिलाफ तन्वी पहला गेम 4-11 से पिछड़ गई थीं, लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखते हुए अगले तीन गेम 13-11, 11-9 और 13-11 से जीतकर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद अंतिम व निर्णायक मैच में जोशना चिनप्पा को हो त्जे लोक के हाथों 0-3 से शिकस्त का सामना करना पड़ा और स्वर्ण या रजत की उम्मीद समाप्त हो गई।

अनाहत सिंह के लिए इन खेलों का यह दूसरा पदक साबित हुआ, क्योंकि वह पहले ही महिला एकल में रजत पदक अपने नाम कर चुकी हैं। वर्तमान टीम की जोशना, तन्वी और अनाहत इससे पूर्व वर्ष 2023 में हांगझोउ में संपन्न हुए एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता टीम की भी मुख्य सदस्य रही थीं।

नागोया खेलों की स्क्वैश स्पर्धाओं में भारत अब तक कुल चार पदक अर्जित कर चुका है। एकल वर्ग में अभय सिंह और अनाहत सिंह ने रजत पदक जीते हैं, जबकि मिश्रित युगल में जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार की जोड़ी कांस्य पदक अपने नाम कर चुकी है। पिछले हांगझोउ खेलों में भारत ने दो स्वर्ण, एक रजत तथा दो कांस्य सहित कुल पांच पदक जीते थे, जहां से महिला स्क्वैश टीम ने लगातार दूसरी बार कांस्य पदक का क्रम बरकरार रखा है।

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