रक्षा वित्तीय प्रणाली में आधुनिक तकनीक का समावेश: राजनाथ सिंह ने टीएसए और उन्नत एनसीएस पोर्टल किए शुरू

नई दिल्ली स्थित डीआरडीओ भवन में 1 अक्टूबर 2026 को आयोजित रक्षा लेखा विभाग (डीएडी) के 279वें स्थापना दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई डिजिटल पहलों का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने विभाग के ऐतिहासिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि बजट की पारंपरिक वार्षिक समीक्षा के स्थान पर अब ‘किसी भी समय समीक्षा’ (एनी टाइम रिव्यू) की कार्यप्रणाली अपनानी चाहिए, ताकि अद्यतन आंकड़ों के आधार पर सटीक और त्वरित रणनीतिक फैसले लिए जा सकें।

रक्षा मंत्री ने वित्तीय तंत्र को सैन्य तैयारियों की आधारशिला बताते हुए थलसेना, नौसेना और वायुसेना के वित्तीय ढांचे के बीच गहरे समन्वय पर बल दिया। उन्होंने प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) के आंकड़ों को रियल टाइम में अद्यतित रखने और प्रक्रियाओं में व्यापक स्तर पर स्वचालन, पारदर्शिता व तकनीक के उपयोग का आह्वान किया। साथ ही, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान तीनों सेनाओं और रक्षा लेखा विभाग के सम्मिलित प्रयासों से बजट का लगभग शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने की भी सराहना की।

लेखांकन ढांचे को गति देने के संदर्भ में रक्षा मंत्री ने विभाग की ‘सक्षम’ परियोजना का उल्लेख किया। सुरक्षित डेटा सेंटर व समर्पित नेटवर्क पर आधारित यह प्रणाली सेना के ‘आईएएफआईएस’ मंच के साथ एकीकृत की गई है। इस तकनीकी तालमेल से बजट आवंटन, वित्तीय स्वीकृति और बिलों का आदान-प्रदान डिजिटल रूप में संभव हो सकेगा, जिससे कागजरहित कार्यशैली को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राजस्व संकलन को स्वचालित बनाने के लिए डेटा एनालिटिक्स व एआई आधारित ‘संपूर्ण’ प्रणाली को जल्द लागू करने के निर्देश दिए।

पेंशन और जनशिकायतों के समाधान पर चर्चा करते हुए राजनाथ सिंह ने ‘स्पर्श’ के सफल डेटा सुधार का हवाला दिया। उन्होंने चैट, एसएमएस, व्हाट्सएप, ईमेल और कॉल के माध्यम से बहुआयामी संवादात्मक एआई (कन्वर्सेशनल एआई) प्रणाली तैयार करने का प्रस्ताव रखा, जिससे मामलों का तेजी से निपटारा हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि सैनिकों और सेवानिवृत्त कर्मियों के अधिकारों व दावों के प्रति व्यवस्था को संवेदनशील, उत्तरदायी और निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

समारोह में रक्षा मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्थाओं को समयबद्ध अनुदान हस्तांतरण के लिए आरबीआई के ‘ई-कुबेर’ से जुड़ी ‘ट्रेजरी सिंगल अकाउंट’ (टीएसए) प्रणाली लागू की गई। इसके साथ ही रक्षा व्यय के प्रभावी आकलन के लिए नई संरचना पर आधारित ‘संशोधित राष्ट्रीय संकलन प्रणाली’ (एनसीएस) का लोकार्पण हुआ, जिससे मंत्रालय और सैन्य मुख्यालयों को नीति निर्धारण में सीधी मदद मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट सेवाओं के लिए ‘रक्षा मंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2026’ प्रदान किए गए। इनमें वार्षिक लेखा समीक्षा के डिजिटलीकरण, सक्षम तथा अग्निवीरों के वेतन प्रबंधन वाले ‘समर-सेतु’ मंच के क्रियान्वयन में योगदान देने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया गया। रक्षा लेखा महानियंत्रक अलका नांगिया अरोरा ने प्रगति रिपोर्ट पेश की, जबकि रक्षा मंत्री ने सांख्यिकी पुस्तिका ‘कोशे’ सहित तीन प्रकाशनों का विमोचन किया। इस अवसर पर सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह सहित शीर्ष सैन्य व प्रशासनिक नेतृत्व उपस्थित रहा।

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