कॉकपिट में जानलेवा हमले के बाद 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट की पीएम ने की सराहना, कहा—देश को आपके पराक्रम पर गर्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से संपर्क साधकर दुबई-तेल अवीव विमान में संभावित तबाही को नाकाम करने पर उनकी वीरता की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि कैप्टन द्वारा प्रदर्शित असाधारण कर्तव्यनिष्ठा ने दुनिया भर में भारतीय पायलटों की साख पर आंच नहीं आने दी।
फिलहाल संयुक्त अरब अमीरात में स्वास्थ्य लाभ ले रहे पायलट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस घटनाक्रम ने विश्व पटल पर भारतीय जज्बे और नैतिक मूल्यों को उजागर किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पूरा राष्ट्र गर्व से यह उद्घोष कर सकता है कि भारतीय नागरिकों की पहचान जान लेने वालों के रूप में नहीं, बल्कि जीवन रक्षक के तौर पर स्थापित है।
संवाद के दौरान पीएम ने कहा कि यदि उस विकट परिस्थिति में कैप्टन ने तत्परता न बरती होती, तो इसके गंभीर और चिंताजनक दुष्परिणाम सामने आ सकते थे। उस स्थिति में पूरे मुल्क और भारतीय विमानन जगत को अवांछित परिस्थितियों व आलोचनाओं का सामना करना पड़ता। उन्होंने आगे कहा कि अत्यधिक शारीरिक पीड़ा और प्राण संकट में होने के बावजूद कैप्टन ने मुसाफिरों की सलामती को सर्वोपरि रखा, जिसने 140 करोड़ भारतीयों को गौरवान्वित किया है।
कैप्टन मच्छार ने उस भयावह घटना का स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि उस विकट घड़ी में वे लगातार हनुमान चालीसा का स्मरण कर रहे थे। उन्होंने अपनी रक्षा का श्रेय ईश्वरीय कृपा को दिया और कहा कि उसी संबल की बदौलत वे जीवित बच सके।
गौरतलब है कि फ्लाईदुबई का यह यात्री विमान दुबई से उड़ान भरकर तेल अवीव की दिशा में अग्रसर था। इसी दौरान को-पायलट ने अचानक कैप्टन स्मित मच्छार पर घातक हथियारों से हमला बोल दिया था। बाद में इजरायली प्रधानमंत्री की ओर से आए बयान में स्पष्ट किया गया कि सह-पायलट का मुख्य मकसद विमान को जानबूझकर क्रैश कराना था।
विमान में लगभग 174 यात्री सवार थे। गंभीर रूप से लहूलुहान होने के बावजूद स्मित ने हमलावर का कड़ा प्रतिरोध किया और कॉकपिट का सुरक्षा द्वार अनलॉक कर दिया। दरवाजा खुलते ही कुछ यात्रियों और विमान कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए हमलावर सह-पायलट को नियंत्रित कर लिया। इसके उपरांत विमान को सऊदी अरब स्थित तबूक एयरपोर्ट पर कुशलतापूर्वक इमरजेंसी लैंड कराया गया।



