पीएम मोदी और सीएम विजय ने चेन्नई मेट्रो के दूसरे चरण को दिखाई हरी झंडी; सड़क, रेल व बंदरगाह परियोजनाओं का लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने रविवार को चेन्नई मेट्रो रेल के दूसरे चरण (फेज-2) का शुभारंभ करते हुए पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। पोरुर बाईपास रोड मेट्रो स्टेशन पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम के बाद दोनों नेताओं ने पूनामल्ली तक मेट्रो से यात्रा की और ट्रेन में सवार विद्यार्थियों तथा कर्मचारियों से बातचीत की। अपने इस दौरे में प्रधानमंत्री ने राज्य के बुनियादी ढांचे को रफ्तार देने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे और समुद्री क्षेत्र से संबंधित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया।
तमिलनाडु में नई सरकार के गठन के बाद प्रधानमंत्री पहली बार चेन्नई पहुंचे थे। चेन्नई एयरपोर्ट पर राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने उनकी अगवानी की। स्वागत के दौरान राज्य सरकार के मंत्रियों के साथ-साथ एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी, भाजपा नेता नैनार नागेंद्रन और कई अन्य प्रमुख नेता भी उपस्थित रहे।
एयरपोर्ट से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सीधे पोरुर बाईपास रोड स्टेशन पहुंचे, जहां उन्होंने नए मेट्रो स्टेशन की रूपरेखा और तकनीकी सुविधाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को रूट के विस्तार, ट्रेनों की समय-सारिणी और यात्री सुरक्षा से जुड़े प्रबंधों की जानकारी दी। इसके बाद प्रधानमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर इस नए रूट का विधिवत उद्घाटन किया।
इस यात्रा की एक प्रमुख विशेषता यह रही कि प्रधानमंत्री ने यात्रा शुरू करने से पूर्व स्वयं यूपीआई के माध्यम से टिकट का भुगतान किया। टिकट लेने के उपरांत उन्होंने मुख्यमंत्री विजय के साथ पूनामल्ली तक की दूरी ट्रेन से तय की। सफर के दौरान तकनीकी दल ने उन्हें स्वचालित प्रणाली और स्टेशन संचालन की बारीकियों से अवगत कराया।
मेट्रो में सफर कर रहे विद्यार्थियों और मेट्रो कर्मियों से प्रधानमंत्री ने सीधी बातचीत की और नए नेटवर्क को लेकर उनके अनुभव पूछे। स्थानीय स्तर पर इस विस्तार को शहर के भीतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुलभ और समय-बचत करने वाला साधन माना जा रहा है।
दौरे के दौरान कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ने करीब 3,700 करोड़ रुपये की लागत वाली राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखी तथा तैयार सड़कों को जनता को समर्पित किया। इसके साथ ही लगभग 750 करोड़ रुपये के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण किया गया। समुद्री व्यापार और कार्गो हैंडलिंग को गति देने के लिए चेन्नई पोर्ट की चार प्रमुख विकास परियोजनाओं की भी शुरुआत की गई।
कार्यक्रम के शांतिपूर्ण और व्यवस्थित आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए शहर के प्रमुख इलाकों, मेट्रो स्टेशनों और सभा स्थलों पर कड़े सुरक्षा प्रबंध लागू किए गए थे।



