बदलते अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा परिदृश्य के बीच भारत पूरी तरह सतर्क, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता ही आधार: रक्षा मंत्री

जोधपुर स्थित वायुसेना स्टेशन पर शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत अपने क्षेत्रीय दायरे और उससे बाहर घटित हो रही हर गतिविधि पर लगातार निगाह रखे हुए है तथा उनके सामरिक परिणामों का गहन आकलन कर रहा है। रक्षा मंत्री ने यह टिप्पणी बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास ‘तरंग शक्ति 2026’ के अंतर्गत आयोजित विशेष एयर शो का अवलोकन करने के बाद की।
संबोधन के दौरान उन्होंने रेखांकित किया कि स्थापित वैश्विक व्यवस्था में इस समय तेजी से बदलाव देखा जा रहा है और आधुनिक युद्धक प्रणालियों का स्वरूप बदल रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था किस करवट बैठेगी, यह तस्वीर अभी साफ नहीं है, इसलिए भारत को सामरिक रूप से निरंतर सजग रहना होगा।
रक्षा मंत्री ने बताया कि इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए ‘आत्मनिर्भर भारत’ की नीति के तहत देश की सेनाओं की संरचना, युद्धनीति और साजो-सामान में व्यापक फेरबदल किए जा रहे हैं। उन्होंने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर बनने का तात्पर्य शेष विश्व से संपर्क तोड़ना नहीं है, बल्कि संवेदनशील रक्षा तकनीकों के अनुसंधान, डिजाइनिंग, विनिर्माण, मेंटेनेंस और उनके संवर्धन की घरेलू क्षमताओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने वायुसेना प्रमुख और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ जोधपुर के आसमान में लड़ाकू विमानों के रोमांचक फॉर्मेशन्स और हवाई करतब देखे। इस प्रदर्शन में वायुसेना की विख्यात ‘सूर्य किरण’ एरोबेटिक टीम और ‘सारंग’ हेलीकॉप्टर टीम ने अपने जांबाज कौशल का परिचय दिया।
उल्लेखनीय है कि 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक चलने वाले इस विशाल युद्धाभ्यास में संयुक्त अरब अमीरात, संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका तथा बांग्लादेश की वायु सेनाएं सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। साथ ही, कई अन्य राष्ट्रों ने पर्यवेक्षक के रूप में इसमें उपस्थिति दर्ज कराई है। इस संयुक्त अभ्यास का मुख्य ध्येय साझा अभियानों के अनुभव बांटना, पारस्परिक कार्यप्रणाली को समझना और भाग लेने वाली वायु सेनाओं के मध्य बेहतर सामंजस्य स्थापित करना है।



