प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा पर

प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा का दौरा किया, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ किया और कांग्रेस पर नॉर्थ ईस्ट की उपेक्षा का आरोप लगाया। उनकी यात्रा और भाषण की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
अरुणाचल प्रदेश में संबोधन:
- नई परियोजनाएं: ईटानगर में 5,100 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स की नींव रखी गई।
- कांग्रेस पर निशाना: मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने अरुणाचल समेत पूरे नॉर्थ ईस्ट को नजरअंदाज किया।
- ‘नेशन फर्स्ट’ का मंत्र: उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का मकसद वोटों या सीटों की संख्या नहीं, बल्कि ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना है।
- नॉर्थ ईस्ट की प्राथमिकता: मोदी ने कहा कि 2014 के बाद नॉर्थ ईस्ट विकास की प्राथमिकता बन गया है, और उनकी सरकार ने यहां लास्ट माइल कनेक्टिविटी को अपनी पहचान बनाया है।
- ‘अष्टलक्ष्मी’: प्रधानमंत्री ने नॉर्थ ईस्ट के आठों राज्यों- अरुणाचल, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा को ‘अष्टलक्ष्मी’ कहा और बताया कि केंद्र सरकार यहां के विकास पर भारी खर्च कर रही है।
- सरकार का काम करने का तरीका: उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार दिल्ली से नहीं, बल्कि मौके पर जाकर काम करती है, और खुद वह 70 से ज्यादा बार यहां आ चुके हैं।
त्रिपुरा की यात्रा:
- माता त्रिपुर सुंदरी मंदिर: प्रधानमंत्री ने 51 ‘शक्ति पीठों’ में से एक, माता त्रिपुर सुंदरी मंदिर का उद्घाटन किया। इसका पुनर्निर्माण प्रसाद योजना के तहत 52 करोड़ रुपए की लागत से हुआ है।
- मंदिर का इतिहास: यह मंदिर 1501 में महाराजा धन्य माणिक्य ने बनवाया था, और इसी के नाम पर राज्य का नाम त्रिपुरा पड़ा।



