निवेश के लिए खुला MP का द्वार: मुख्यमंत्री यादव ने की ग्लोबल डिप्लोमेट्स से चर्चा।

मध्य प्रदेश सरकार ने आज मुंबई के द ट्राइडेंट, नरीमन पॉइंट में एक महत्वपूर्ण राजनयिक संवाद (Diplomatic Roundtable) का आयोजन किया। इस विशेष कार्यक्रम में रूस, जर्मनी, सिंगापुर, इटली, तुर्किये, न्यूज़ीलैंड, पोलैंड, मलेशिया, थाईलैंड, उज्बेकिस्तान, केन्या, जिबूती और यूनाइटेड किंगडम सहित 13 से अधिक देशों के काउंसल जनरल और राजनयिक प्रतिनिधि सम्मिलित हुए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश को वैश्विक निवेश और औद्योगिक विकास का एक नया केंद्र बताते हुए कहा, “मध्य प्रदेश सिर्फ भारत का भौगोलिक हृदय नहीं, बल्कि अवसरों का हृदय है।” उन्होंने राज्य की उद्योग-अनुकूल नीतियों, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और समृद्ध संसाधनों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी वैश्विक निवेशकों के लिए बेमिसाल संभावनाएं प्रस्तुत करते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, बुनियादी ढांचे, ऊर्जा और औद्योगिक उत्पादन में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने रीवा सौर ऊर्जा परियोजना और ओंकारेश्वर जलविद्युत परियोजना को प्रदेश के अग्रणी नवीकरणीय ऊर्जा केंद्र बनने की मिसाल बताया। साथ ही, पीथमपुर ऑटोमोबाइल हब और इंदौर आईटी हब ने राज्य को नई औद्योगिक पहचान दी है। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों को PM MITRA Textile Park (धार), पीथमपुर ऑटोमोबाइल हब, BEML Rail Hub (भोपाल), IT Parks (इंदौर-भोपाल) और Food Processing Clusters का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने वर्ष 2025 को ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष’ घोषित किए जाने की जानकारी दी, जिसका लक्ष्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना भी है।

संवाद के दौरान, विदेशी प्रतिनिधियों ने निवेश, द्विपक्षीय व्यापार, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और सांस्कृतिक सहयोग पर सक्रिय चर्चा की और राज्य की क्षमताओं में गहरी रुचि दिखाई।

यह कार्यक्रम इस विश्वास के साथ समाप्त हुआ कि मध्य प्रदेश जल्द ही ‘ग्लोबल इन्वेस्टमेंट हब’ बनेगा, जिससे भारत और साझेदार देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंध और मजबूत होंगे।

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