मतदाता सूची पुनरीक्षण पर गरमाया संसद का शीतकालीन सत्र, विपक्ष का हंगामा

नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन मंगलवार को भी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर हंगामेदार रहा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस विवादास्पद प्रक्रिया पर तत्काल बहस कराने की विपक्ष की मांग को खारिज कर दिया।
मुख्य घटनाक्रम:
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मंत्री का रुख़: किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन वह विपक्ष द्वारा तय की गई किसी समय-सीमा के तहत काम नहीं करेगी।
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हंगामे और वॉकआउट: तत्काल चर्चा की मांग को लेकर दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में विपक्षी दलों ने ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया। राज्यसभा में विपक्ष ने वॉकआउट भी किया।
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प्राथमिकता पर विवाद: तृणमूल कांग्रेस नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि लोग SIR के कारण मुश्किलों में हैं, लेकिन रिजिजू ने जोर दिया कि पहले से निर्धारित ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा होगी, क्योंकि यह स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा मामला है।
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समय-सीमा तय करने पर आपत्ति: राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की तत्काल चर्चा की मांग पर रिजिजू ने कहा, “कृपया किसी भी विषय पर समय-सीमा की शर्त न रखें।” उन्होंने संवाद के माध्यम से सदन चलाने पर ज़ोर दिया।
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रिजिजू का पलटवार: मंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे चुनाव नहीं जीत पा रहे हैं और अपना गुस्सा संसद में निकाल रहे हैं, जो सही नहीं है।
SIR वह मुद्दा है जिसके तहत चुनाव आयोग ने नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची संशोधन का दूसरा चरण शुरू किया है, जिसमें देश के लगभग आधे मतदाता शामिल हैं। सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने आश्वासन दिया कि विपक्षी नेताओं के साथ इस संबंध में जल्द ही एक बैठक होगी।



