मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा: ‘श्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कृत होंगे, व्यावसायिक शिक्षा पर ज़ोर’

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को स्कूल शिक्षा विभाग की गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि विद्यार्थियों के प्रोत्साहन के लिए योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक छात्रों तक पहुँचना चाहिए और सुविधाओं का विस्तार निरंतर जारी रहेगा।
समीक्षा में सामने आई प्रगति:
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ड्रॉप आउट रेट: पिछले 2 वर्षों में ड्रॉप आउट रेट 21.4% से घटकर 16.8% रह गया है, जिसे और कम करने के लिए कार्य किया जाएगा।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020): NEP के प्रावधानों के तहत हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी की द्वितीय परीक्षा समय पर आयोजित कर परिणाम घोषित किए गए।
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परीक्षा परिणाम: 2024-25 के प्रथम परीक्षा परिणाम में कक्षा 10वीं का परिणाम 74% तथा 12वीं का परिणाम 76% से अधिक रहा। प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण शासकीय विद्यार्थियों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री के महत्वपूर्ण निर्देश:
| क्षेत्र | निर्देश |
| बुनियादी ढाँचा | ‘भवन एक कक्षाएं अनेक’ की तर्ज़ पर खाली समय में महाविद्यालय की कक्षाएं संचालित करने पर विचार किया जाए। |
| गुणवत्ता और प्रोत्साहन | अच्छा परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षकों को राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाए। |
| शिक्षा पद्धति | व्यावसायिक शिक्षा पर ज़ोर दिया जाए और विद्यालयों में कृषि की शिक्षा भी दी जाए। |
| नए मॉडल | नवोदय विद्यालय की तर्ज़ पर सांदीपनि आश्रम विद्यालय विकसित किए जाएँ। |
| सुविधा एवं लॉजिस्टिक्स | किताबों का वितरण सुनिश्चित हो। साइकिल मैन्युफ़ैक्चरिंग यूनिट लगाने की योजना बनाई जाए। |
विद्यार्थी कल्याण और सुविधाओं का विस्तार:
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छात्रावास: प्रधानमंत्री जन-जाति आदिवासी न्याय महाभियान योजना में 210 छात्रावास स्वीकृत हुए हैं, जहाँ वाशिंग मशीन, रोटी मेकर और मैट्रेस जैसी सामग्री उपलब्ध कराई गई है।
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स्वच्छता: 19 लाख बालिकाओं को सेनिटेशन और हाइजीन किट के लिए प्रति बालिका ₹300 डीबीटी द्वारा वितरित किए गए हैं।
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डिजिटल सुविधा: शिक्षकों की परेशानी कम करने के लिए शिक्षा विभाग के पोर्टल और ऐप पर काम किए जाने के निर्देश दिए गए।



