इंडिगो संकट: यात्रियों को ₹610 करोड़ का रिफंड; सरकार ने एयरलाइन CEO से मांगा 24 घंटे में जवाब

इंडिगो एयरलाइन में ऑपरेशनल संकट के बीच, रविवार शाम तक कंपनी ने यात्रियों को ₹610 करोड़ का रिफंड कर दिया है। इसके अलावा, देशभर में यात्रियों के 3 हजार से अधिक बैगेज भी उन्हें लौटाए गए हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने रविवार शाम को इसकी पुष्टि की।
मंत्रालय के अनुसार, रिफंड या री-बुकिंग के लिए यात्रियों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। यात्रियों की सहायता के लिए विशेष सपोर्ट सेल बनाए गए हैं, और एयरलाइन के फ्लाइट ऑपरेशन में भी तेजी आई है। घरेलू उड़ानें अब पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रही हैं।
इंडिगो का ऑपरेशन हुआ सामान्य?
इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स ने बताया कि एयरलाइन आज 138 में से 137 गंतव्यों के लिए 1650 उड़ानें संचालित कर रही है, और ऑन टाइम परफॉर्मेंस (OTP) लगभग 75% रहने का अनुमान है। शनिवार को यह संख्या 1500 थी। हालांकि, एयरलाइन सामान्यतः प्रतिदिन 2300 उड़ानें संचालित करती है। उन्होंने कहा कि सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं।
आज भी 650 से अधिक उड़ानें रद्द:
संकट के बावजूद, आज भी इंडिगो की 650 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें दिल्ली, चेन्नई, जयपुर, हैदराबाद, भोपाल, मुंबई और त्रिची जैसे प्रमुख शहरों से जाने वाली उड़ानें शामिल हैं। इससे पहले शुक्रवार को करीब 1600 और शनिवार को लगभग 800 उड़ानें रद्द की गई थीं।
सरकार की सख्ती और निर्देश:
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रिफंड की समय सीमा: कंपनी को 7 दिसंबर रात 8 बजे तक कैंसिल या रुकी हुई सभी फ्लाइट्स के लिए रिफंड प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
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बैगेज डिलीवरी: यात्रियों के बैगेज को ट्रेस करके अगले 48 घंटों के भीतर डिलीवर करना होगा।
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CEO को नोटिस: कंपनी के CEO को 24 घंटे के भीतर यह बताना होगा कि पिछले 5 दिनों से जारी संकट को देखते हुए उन पर कार्रवाई क्यों न की जाए। संतोषजनक जवाब न मिलने पर DGCA एकतरफा फैसला ले सकता है।
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किराया सीमा: बाकी एयरलाइंस के बढ़ते किराए पर लगाम लगाने के लिए हवाई किराया फिक्स किया गया। अब 500 किमी तक ₹7,500 और 500-1000 किमी तक ₹12,000 से अधिक किराया नहीं लिया जाएगा। अधिकतम किराया ₹18,000 तय किया गया है (बिजनेस क्लास को छोड़कर)।



