‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष: पीएम मोदी ने नेहरू पर साधा निशाना

संसद चर्चा। सोमवार को लोकसभा में ‘राष्ट्रगीत वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर आयोजित 10 घंटे की चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। अपने वक्तव्य में, पीएम मोदी ने गीत के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करने के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी और पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की भूमिका पर तीखा हमला किया।
मोदी के भाषण के 6 बड़े निष्कर्ष:
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राष्ट्रीय प्रेरणा का स्रोत: पीएम ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ ने आजादी के आंदोलन को त्याग और तपस्या का मार्ग दिखाया। इसका स्मरण करना सदन का सौभाग्य है।
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150 वर्ष की यात्रा: उन्होंने तुलना करते हुए बताया कि ‘वंदे मातरम्’ के 50वें वर्ष में देश गुलाम था, 100वें वर्ष पर आपातकाल था, और आज 150वें वर्ष पर भारत विश्व की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
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ऐतिहासिक मिसाल: उन्होंने 1906 के बारीसाल जुलूस का जिक्र किया, जहाँ हिंदू-मुस्लिम सहित 10 हजार से अधिक लोग एकजुट होकर ‘वंदे मातरम्’ के झंडे के साथ सड़कों पर उतरे थे।
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बंगाल की एकता का नारा: पीएम ने कहा कि यह नारा बंगाल की एकता के लिए गली-गली का नारा बन गया था और हमारे स्वतंत्रता सेनानी इसे कहते हुए फांसी के तख्त पर चढ़ जाते थे।
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नेहरू पर आरोप: उन्होंने कहा कि जिन्ना के विरोध के बाद नेहरू को अपना ‘सिंहासन डोलता’ दिखा। नेहरू ने मुस्लिम लीग को करारा जवाब देने के बजाय, ‘वंदे मातरम्’ की पड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने नेताजी को चिट्ठी लिखकर जिन्ना की भावना से सहमति जताई कि ‘आनंदमठ’ वाली पृष्ठभूमि से मुसलमानों को चोट पहुंच सकती है।
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कांग्रेस पर हमला: मोदी ने आरोप लगाया कि इस प्रस्ताव के खिलाफ देश भर में प्रभात फेरियां निकाली गईं, लेकिन कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के सामने ‘घुटने टेक दिए’ और ‘वंदे मातरम् के टुकड़े कर दिए’। उन्होंने कांग्रेस को ‘INC से MNC’ बनने का भी तंज कसा।



