लाड़ली बहना सम्मेलन से सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया बुंदेलखंड के चहुँमुखी विकास का शंखनाद

छतरपुर के राजनगर में आयोजित लाड़ली बहना सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुंदेलखंड को उसकी गौरवशाली पहचान याद दिलाते हुए उसे ‘हीरों और महावीरों की धरती’ कहा। उन्होंने कहा कि खजुराहो में महाराजा छत्रसाल और सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमाओं का अनावरण किया गया है।
लाड़ली बहना योजना: ₹1500 की 31वीं किस्त जारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की 1 करोड़ 26 लाख से अधिक लाड़ली बहनों के बैंक खातों में 1857 करोड़ रुपये की राशि (31वीं किस्त, ₹1500 प्रति बहन) अंतरित की। अब तक इस योजना के तहत कुल 46,500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बहनों को मिल चुकी है, जो परिवार के संचालन में उनका सहयोग कर रही है। छतरपुर की 3 लाख 24 हजार से अधिक लाड़ली बहनें भी इससे लाभान्वित हुई हैं।
विकास कार्यों की झड़ी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुंदेलखंड के बहुमुखी विकास के लिए कुल 510 करोड़ रुपये की लागत के 29 कार्यों की सौगात दी:
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लोकार्पण: 240 करोड़ रुपये लागत के 20 विकास कार्यों का।
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भूमि-पूजन: 270 करोड़ रुपये लागत के 9 विकास कार्यों का।
इनमें सांदीपनि विद्यालय और स्वास्थ्य संस्थान जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शामिल हैं।
बुंदेलखंड के लिए प्रमुख घोषणाएं
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रोजगार: सागर में नया इंडस्ट्रियल पार्क बनेगा, जिससे 30,000 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
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उच्च शिक्षा/स्वास्थ्य: दमोह, छतरपुर, पन्ना और कटनी में चार नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।
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पर्यटन: खजुराहो में एक बड़ा कन्वेंशन सेंटर और फाइव स्टार होटल बनेगा, साथ ही राजनगर में राजगढ़ पैलेस की सौगात से पर्यटन क्षेत्र में क्रांति आएगी।
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बुनियादी सुविधा: केन-बेतवा लिंक परियोजना से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। दमोह-सागर को जोड़ने वाली फोर लेन सड़क की सौगात मिलेगी।
सांसद वी.डी. शर्मा और विधायक अरविंद पटेरिया ने मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की। श्री पटेरिया ने ‘डेस्टिनेशन कैबिनेट’ के फैसले को बुंदेलखंड के लिए अनुपम सौगात बताया और कहा कि सूखे और पिछड़े बुंदेलखंड को अब विकास की नई पहचान मिल रही है।


