125 साल बाद बुद्ध के अवशेष भारत लाए गए: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में एग्जीबिशन का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बुद्ध के अवशेषों की प्रदर्शनी के उद्घाटन के दौरान अपने जीवन और बुद्ध के बीच के गहरे जुड़ाव को साझा किया। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि एक व्यक्तिगत आध्यात्मिक अनुभव है। पीएम मोदी के भाषण की तीन बड़ी बातें इस प्रकार रहीं:
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वैश्विक आस्था का केंद्र: पीएम ने बताया कि जब ये अवशेष थाईलैंड गए तो 40 लाख लोगों ने दर्शन किए, वहीं मंगोलिया और रूस में भी श्रद्धा का सैलाब उमड़ा। लोग भारतीय प्रतिनिधियों को सिर्फ इसलिए छूना चाहते थे क्योंकि वे बुद्ध की भूमि से आए थे।
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निजी अनुभव: मोदी ने लुंबिनी (नेपाल) के माया देवी मंदिर की अपनी यात्रा और जापान, चीन व मंगोलिया के अनुभवों को याद करते हुए कहा कि वे सत्ता में आने से पहले भी बौद्ध तीर्थस्थलों का दौरा करते थे।
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सांस्कृतिक कूटनीति: उन्होंने जोर दिया कि भारत भगवान बुद्ध की परंपरा का जीवंत वाहक है और यह विरासत इस बात का प्रमाण है कि भारत की आत्मा अध्यात्म में बसती है।
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से गोदरेज समूह का धन्यवाद किया, जिनकी मदद से इन अवशेषों को अंतरराष्ट्रीय नीलामी से बचाकर वापस कपिलवस्तु क्षेत्र की मिट्टी में लाना संभव हो पाया।



