‘अन्नदाता’ अब बनेंगे ‘ऊर्जादाता’: केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कृषि-खाद्य प्रणालियों में सौर ऊर्जा के विस्तार पर दिया जोर

केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने अंतर्राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी (IRENA) और खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के संयुक्त संवाद में भारत का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि भारत ऊर्जा सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका को बेहतर बनाने के लिए कृषि और नवीकरणीय ऊर्जा को एक साथ लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
संबोधन की मुख्य बातें:
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दोहरी भूमिका: मंत्री जोशी ने कहा कि भारतीय किसान, जो ‘अन्नदाता’ कहलाते हैं, अब वितरित नवीकरणीय ऊर्जा के माध्यम से ‘ऊर्जादाता’ की भूमिका निभा रहे हैं।
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वैश्विक प्रतिनिधित्व: भारत दुनिया की आबादी का लगभग छठा हिस्सा है और सबसे तेजी से बढ़ते अक्षय ऊर्जा बाजारों में से एक है।
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पीएम-कुसुम की सफलता: 2019 में शुरू हुई इस योजना ने डीजल पर निर्भरता कम की है। 2025 के अंत तक देश में 10 लाख स्टैंडअलोन और 11 लाख ग्रिड-कनेक्टेड सौर पंप लगाए जा चुके हैं, जिनकी कुल क्षमता 10,200 मेगावाट से अधिक है।



