पेरिस से बर्लिन तक पहुंचेगी असम की चाय: अमित शाह ने बताया EU ट्रेड डील का महत्व

गृह मंत्री अमित शाह ने असम की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का खाका पेश किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने यूरोपीय संघ (EU) के साथ जो मुक्त व्यापार समझौता किया है, उसका सीधा लाभ असम के चाय उद्योग को मिलेगा।

आर्थिक प्रगति के प्रमुख बिंदु:

  • Zero Tariff एक्सपोर्ट: अब असम की चाय बिना किसी शुल्क (Zero Tariff) के यूरोपीय बाजारों में बिकेगी, जिससे स्थानीय चाय बागानों और श्रमिकों की आय में वृद्धि होगी।

  • GSDP में उछाल: पिछले 5 वर्षों में असम की GSDP 4.1 लाख करोड़ से बढ़कर 7.2 लाख करोड़ रुपये हो गई है।

  • युवाओं की आय: मोदी सरकार के प्रयासों से असम के युवाओं की औसत आय में 50% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

  • सेमीकंडक्टर और इन्फ्रा: असम अब केवल चाय और पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि चिप उद्योग और आधुनिक परिवहन (वॉटरवे, एयरपोर्ट) का भी केंद्र बन रहा है।

  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की डिब्रूगढ़ यात्रा और असम के लिए घोषित विकास परियोजनाओं को यहाँ तीन अलग-अलग विस्तृत तरीकों से प्रस्तुत किया गया है:


    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने डिब्रूगढ़ में असम के समावेशी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने यहाँ असम विधानसभा के नए परिसर सहित कुल पांच बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन और भूमिपूजन किया।

    प्रमुख विकास कार्य:

    • दूसरी राजधानी का सपना: डिब्रूगढ़ को राज्य की दूसरी राजधानी बनाने के संकल्प के साथ 57 बीघा जमीन पर नए विधानसभा परिसर और विधायकों के आवास का शिलान्यास किया गया।

    • खेल और युवा शक्ति: 238 करोड़ की लागत से बने विश्वस्तरीय मल्टी-डिसिप्लिनरी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स (चरण-1) का लोकार्पण किया गया। इसमें इंडोर स्टेडियम, स्विमिंग पूल और हॉस्टल जैसी सुविधाएं शामिल हैं। साथ ही 209 करोड़ के दूसरे चरण की नींव भी रखी गई।

    • वन्यजीव अनुसंधान: ₹292 करोड़ की लागत से बनने वाले ‘वन्यजीव अनुसंधान संस्थान’ का शिलान्यास हुआ, जो रोगों के सर्विलांस और जेनेटिक रिसर्च में वैश्विक स्तर पर पहचान बनाएगा।

    • बाढ़ नियंत्रण: गृह मंत्रालय ने ₹692 करोड़ खर्च कर 15 बड़े वेटलैंड्स (Wetlands) विकसित करने का काम शुरू किया है, जिससे 7.5 लाख लोगों को बाढ़ से राहत मिलेगी और 77 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।

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