बजट 2026: मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत नहीं, लेकिन रेलवे और स्वास्थ्य क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात

‘डिजिटल और इंफ्रा’ बजट: छोटे शहरों का विकास और कंटेंट क्रिएशन पर सरकार का बड़ा दांव

सरकार ने इस बजट के माध्यम से भविष्य की पीढ़ी और छोटे शहरों के सशक्तीकरण पर ध्यान केंद्रित किया है।

शिक्षा और कौशल विकास:

शिक्षा क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए सरकार ने 15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में ‘कंटेंट क्रिएटर लैब्स’ स्थापित करने की घोषणा की है। यह युवाओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। साथ ही, महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए देश के 800 जिलों में समर्पित बालिका हॉस्टल बनाए जाएंगे।

शहरी और क्षेत्रीय विकास:

सरकार का लक्ष्य केवल महानगरों का विकास नहीं, बल्कि टियर-2 और टियर-3 शहरों का कायाकल्प करना है। 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का निवेश रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।

बजट की 7 सबसे बड़ी घोषणाएं: एक नजर में

क्षेत्र मुख्य घोषणा विवरण
टैक्स रिवाइज्ड रिटर्न समय सीमा 31 दिसंबर से बढ़कर 31 मार्च हुई।
रेलवे हाईस्पीड कॉरिडोर 7 नए रूट (मुंबई-पुणे से वाराणसी-सिलिगुड़ी तक)।
स्वास्थ्य सस्ती दवाएं कैंसर की 17 दवाएं और 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाएं ड्यूटी फ्री।
आयुष आयुर्वेदिक AIIMS देशभर में 3 नए केंद्र और 5 मेडिकल हब।
शहर इंफ्रास्ट्रक्चर टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए ₹12.2 लाख करोड़।
शिक्षा क्रिएटर इकोनॉमी 15,500 संस्थानों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स।
महिला कल्याण बालिका हॉस्टल 800 जिलों में प्रत्येक में एक हॉस्टल।

बजट का मूल दर्शन (Vision)

वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बजट तीन मुख्य स्तंभों पर टिका है:

  1. रफ्तार: आर्थिक विकास को गति देना।

  2. क्षमता: नागरिकों के कौशल का विकास करना।

  3. सबका साथ: समावेशी विकास सुनिश्चित करना ताकि कमाई के अवसर हर क्षेत्र तक पहुंचें।

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