बजट 2026-27: ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ का आगाज़, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए 40,000 करोड़ का भारी-भरकम फंड

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में भारत को वैश्विक टेक हब बनाने की दिशा में कई बड़े क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। सरकार ने सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूती देने के लिए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 को लॉन्च करने की घोषणा की है।
सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स पर बड़ा दांव: ISM 2.0 का मुख्य फोकस केवल उत्पादन पर नहीं, बल्कि भारतीय बौद्धिक संपदा (IP) डिजाइन करने और कुशल कार्यबल तैयार करने पर होगा। इस मिशन के अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्रों के लिए 1,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) की सफलता को देखते हुए इसका बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
क्लाउड और डेटा सेंटर के लिए ऐतिहासिक छूट: डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक अभूतपूर्व घोषणा की है। भारत के डेटा सेंटर्स का उपयोग करके वैश्विक ग्राहकों को क्लाउड सेवाएं देने वाली विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स से छूट मिलेगी, बशर्ते वे भारतीय ग्राहकों को सेवाएं स्थानीय पुनर्विक्रेता के माध्यम से प्रदान करें।
बजट 2026-27 सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और आईटी-सक्षम सेवाओं (ITeS) के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। सरकार ने व्यापार को सुगम बनाने (Ease of Doing Business) के उद्देश्य से टैक्स नियमों को सरल और अधिक प्रतिस्पर्धी बना दिया है।
मुख्य बदलाव:
-
एकीकृत श्रेणी: सॉफ्टवेयर विकास, KPO और अनुसंधान जैसी सेवाओं को अब एक ही श्रेणी ‘आईटी सेवाएं’ में रखा गया है, जिस पर 15.5 प्रतिशत का समान सुरक्षित लाभ (Safe Harbor Margin) लागू होगा।
-
सेफ हार्बर सीमा में वृद्धि: इस लाभ को उठाने की टर्नओवर सीमा 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर सीधे 2,000 करोड़ रुपये कर दी गई है।
-
स्वचालित मंजूरी: अब किसी टैक्स अधिकारी द्वारा जांच की आवश्यकता नहीं होगी; यह एक स्वचालित नियम-आधारित प्रक्रिया होगी, जो एक बार आवेदन करने पर 5 साल तक प्रभावी रह सकती है।
-
APA प्रक्रिया में तेजी: अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौते (APA) को पूरा करने की समयसीमा घटाकर 2 साल कर दी गई है।
केंद्रीय बजट 2026-27 के माध्यम से सरकार ने न केवल उद्योगों को वित्तीय प्रोत्साहन दिया है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए एक रोडमैप भी तैयार किया है।
रोजगार और एआई (AI) पर फोकस: वित्त मंत्री ने ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम’ के लिए एक उच्चस्तरीय स्थायी समिति बनाने का प्रस्ताव रखा है। यह समिति विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करेगी और कौशल विकास के लिए आवश्यक उपायों की सिफारिश करेगी।
क्षेत्रीय प्रभाव:
-
इलेक्ट्रॉनिक्स: 40,000 करोड़ के नए परिव्यय से स्थानीय स्तर पर लाखों नौकरियों के सृजन की उम्मीद है।
-
इनोवेशन: ISM 2.0 के तहत उद्योग-नेतृत्व वाले अनुसंधान केंद्रों से स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा मिलेगा।
-
टैक्स पारदर्शिता: आईटी कंपनियों के लिए नियमों को पारदर्शी बनाकर भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने का प्रयास किया गया है।



