आत्मनिर्भर भारत की ओर बड़े कदम: रक्षा खरीद के लिए 1.39 लाख करोड़ रुपये केवल घरेलू उद्योगों के लिए आरक्षित

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भरता’ के विजन को धरातल पर उतारते हुए, रक्षा मंत्रालय ने स्वदेशी रक्षा उत्पादन को अभूतपूर्व प्रोत्साहन दिया है। बजट 2026-27 के तहत, पूंजीगत अधिग्रहण बजट का 75 प्रतिशत यानी 1.39 लाख करोड़ रुपये केवल घरेलू रक्षा निर्माताओं और निजी कंपनियों से खरीद के लिए सुरक्षित किया गया है।
रणनीतिक निवेश और तकनीकी विकास:
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घरेलू उद्योग को मजबूती: स्थानीय कंपनियों के लिए फंड आरक्षित होने से न केवल देश की विदेशी निर्भरता कम होगी, बल्कि सहायक उद्योगों के माध्यम से लाखों रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
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अनुसंधान एवं विकास (R&D): रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के बजट को बढ़ाकर 29,100.25 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसमें पूंजीगत निवेश के लिए 17,250.25 करोड़ रुपये का प्रावधान है, जो तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देगा।
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सीमा सुरक्षा: सीमा सड़क संगठन (BRO) को 7,394 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जिससे सामरिक महत्व की सुरंगों, पुलों और दुर्गम क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे “युवा शक्ति संचालित बजट” करार देते हुए कहा कि यह निवेश भारत को वैश्विक रक्षा विनिर्माण का केंद्र बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
सरकार ने बजट 2026-27 में न केवल युद्धक क्षमता, बल्कि मानवीय पूंजी यानी हमारे सैनिकों और पूर्व सैनिकों के कल्याण पर भी विशेष जोर दिया है। इस बजट में पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS) के लिए 12,100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 45.49 प्रतिशत अधिक है।
प्रमुख लोक-कल्याणकारी प्रावधान:
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पूर्व सैनिक कल्याण: पिछले पांच वर्षों में ECHS के बजट में 300 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जो गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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पेंशन सुरक्षा: 34 लाख से अधिक पेंशनभोगियों के लिए 1.71 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो ‘स्पर्श’ (SPARSH) प्रणाली के माध्यम से सीधे वितरित किया जाएगा।
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परिचालन तत्परता: परिचालन और रखरखाव (O&M) के लिए 1.58 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह राशि स्पेयर पार्ट्स की खरीद और सैन्य उपकरणों के नियमित रखरखाव के लिए महत्वपूर्ण है, ताकि सेना हर समय किसी भी चुनौती के लिए मुस्तैद रहे।
रक्षा मंत्री ने बजट की सराहना करते हुए इसे “सुरक्षा-विकास-आत्मनिर्भरता” का एक आदर्श संतुलन बताया, जो देश के 34 लाख पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।



