राज्यसभा में बोले पीएम मोदी: “भारत के लिए यह रुकने का नहीं, तेज गति से आगे बढ़ने का समय”

प्रधानमंत्री का राज्यसभा में दिया गया भाषण केवल एक धन्यवाद प्रस्ताव नहीं, बल्कि भारत की बदलती कार्यसंस्कृति का एक दस्तावेज था। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ‘तदर्थवाद’ (Adhocism) को त्यागकर ‘पॉलिसी’ आधारित शासन पर बल दे रही है।
अतीत और वर्तमान का अंतर: प्रधानमंत्री ने नर्मदा बांध परियोजना और जम्मू-बारामूला रेल लाइन जैसे उदाहरणों के माध्यम से बताया कि कैसे दशकों पुराने अटके हुए प्रोजेक्ट्स को उनकी सरकार ने पूरा किया। उन्होंने ‘प्रगति’ (PRAGATI) प्लेटफॉर्म का उल्लेख किया, जिसके माध्यम से ₹85 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स को गति दी गई।
ग्लोबल साउथ की आवाज: भाषण में इस बात पर जोर दिया गया कि भारत आज केवल वैश्विक चुनौतियों का मूकदर्शक नहीं है, बल्कि समाधान देने वाला देश बन गया है। यूरोपियन यूनियन और अमेरिका के साथ हुए महत्वपूर्ण ट्रेड डील्स को उन्होंने “मदर ऑफ ऑल डील्स” बताते हुए कहा कि आज दुनिया भारत के साथ बराबरी के स्तर पर व्यापार करना चाहती है।
प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें:
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राष्ट्रपति का सम्मान: पीएम ने आदिवासी समाज से आने वाली राष्ट्रपति का अपमान करने के लिए विपक्ष की आलोचना की।
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बैंकिंग सुधार: NPA को 1% से नीचे लाना और मुद्रा योजना के तहत ₹30 लाख करोड़ का ऋण देना ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
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MSME की ताकत: उन्होंने कहा कि भारतीय MSMEs आज दुनिया के बड़े विमानों के पुर्जे बना रहे हैं।
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नौजवानों को संदेश: प्रधानमंत्री ने युवाओं से कहा कि पूरा विश्व बाजार उनके लिए खुला है, वे हिम्मत के साथ आगे बढ़ें।
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घुसपैठ पर रुख: उन्होंने घुसपैठियों की वकालत करने वाले दलों को आड़े हाथों लिया और इसे देश के युवाओं के हक की चोरी बताया।
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PSU का पुनरुद्धार: LIC और HAL जैसे संस्थानों के शानदार प्रदर्शन को विपक्ष के दुष्प्रचार का करारा जवाब बताया।
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किसानों की सुध: पीएम किसान योजना के माध्यम से ₹4 लाख करोड़ सीधे छोटे किसानों के खातों में भेजे गए।
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एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट: छत्तीसगढ़ के बस्तर जैसे पिछड़े जिलों में हो रहे विकास को नए भारत का मॉडल बताया।
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सिख समाज का अपमान: सदन में एक सिख सांसद को ‘गद्दार’ कहने पर कांग्रेस को घेरा और इसे गुरुओं का अपमान बताया।
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नया वर्ल्ड ऑर्डर: पीएम ने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद अब एक नया वर्ल्ड ऑर्डर बन रहा है, जिसमें भारत की भूमिका केंद्रीय है।



