मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की वन्य जीव केंद्र निर्माण की समीक्षा; वर्ष 2026 से शुरू होगा पहले चरण का काम

भोपाल: मध्यप्रदेश सरकार ने उज्जैन और जबलपुर में वन्य जीव रेस्क्यू सेंटर निर्माण की दिशा में ठोस कदम बढ़ा दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को नियुक्त कन्सल्टेंट फर्म के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर प्रोजेक्ट के डिजाइन और प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन का केंद्र अन्य वन्य जीव केंद्रों से पूरी तरह भिन्न और विविधतापूर्ण होना चाहिए।

प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएँ:

  • क्षेत्रफल: लगभग 500 हेक्टेयर का रकबा।

  • अनुभव: एक ही स्थान पर देश-दुनिया के 11 अलग-अलग जंगलों का अनुभव।

  • प्रजातियाँ: 300 से अधिक देशी-विदेशी वन्य प्राणी।

  • सुविधाएँ: पैदल भ्रमण, बग्घी, सफारी और रेस्क्यू सेंटर की सुविधा।

  • समय सीमा: फेज-1 का कार्य 2026 में शुरू होकर दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य।

बैठक में पीसीसीएफ वाईल्ड लाईफ श्री शुभरंजन सेन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में यह तय किया गया कि यह विश्व का पहला ऐसा केंद्र होगा जहाँ विजिटर्स को ‘असली जंगल चिड़ियाघर सफारी’ का अनुभव मिलेगा। यह केंद्र न केवल घायल वन्य जीवों के उपचार के लिए रेस्क्यू सेंटर के रूप में काम करेगा, बल्कि राजस्व और रोजगार सृजन का भी बड़ा माध्यम बनेगा।

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