भारत बनेगा डिजिटल महाशक्ति: 2030 तक 1 अरब नागरिकों के पास होगा 5-जी, 6-जी में दुनिया को राह दिखाएगा देश

नई दिल्ली: केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने लोकसभा में भारत की डिजिटल प्रगति का खाका पेश किया। उन्होंने घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब तकनीक के पीछे चलने वाला देश नहीं, बल्कि वैश्विक नेतृत्वकर्ता बन गया है।
मुख्य बिंदु:
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तेजी से विस्तार: भारत ने दुनिया में सबसे तेज़ 5-जी रोलआउट दर्ज किया है। मात्र 22 महीनों के भीतर देश के 99.9% जिलों को इस नेटवर्क से जोड़ दिया गया है।
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बुनियादी ढांचा: दूरसंचार कंपनियों ने 4 लाख करोड़ रुपये का निवेश कर देशभर में 5 लाख से अधिक बेस ट्रांससीवर स्टेशन (BTS) स्थापित किए हैं।
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भविष्य का लक्ष्य: वर्तमान में 40 करोड़ लोग 5-जी का उपयोग कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य 2030 तक इस संख्या को 1 अरब तक पहुँचाना है। श्री सिंधिया ने स्पष्ट किया कि जहाँ भारत ने 4-जी में दुनिया का अनुसरण किया था, वहीं 6-जी तकनीक में भारत विश्व का नेतृत्व करेगा।
मंत्री जी ने ग्रामीण कनेक्टिविटी पर जोर देते हुए बताया कि ब्रॉडबैंड कनेक्शन 10 साल पहले के 6 करोड़ से बढ़कर आज 100 करोड़ (1 अरब) हो गए हैं। महाराष्ट्र को वाई-फाई हॉटस्पॉट स्थापित करने में अग्रणी राज्यों में से एक बताया गया है।



