‘ग्लोबल ग्रोथ का नया इंजन बनेगा भारत’, पीएम मोदी ने कांग्रेस काल के ‘मजबूरी वाले सुधारों’ पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत का खाका पेश किया। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था की विकास दर का नया केंद्र बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। पीएम ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्तमान में दुनिया की कुल आर्थिक ग्रोथ में भारत की हिस्सेदारी 16% है, जो आने वाले समय में और अधिक बढ़ेगी।
इरादों बनाम मजबूरी का अंतर: प्रधानमंत्री ने पिछली सरकारों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि पहले सुधार ‘मजबूरी’ में किए जाते थे। उन्होंने 26/11 आतंकी हमले और पावर सेक्टर के संकट का उदाहरण देते हुए कहा कि जब सिस्टम पूरी तरह फेल हो गया, तब कांग्रेस सरकार ने सुधारों के बारे में सोचा। मोदी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार मजबूरी में नहीं, बल्कि मजबूत इरादों और प्रतिबद्धता के साथ रिफॉर्म कर रही है, जिसके परिणाम देश के सामने हैं।
बदलता वैश्विक मॉडल: पीएम ने कहा कि अब दुनिया एक पुरानी व्यवस्था से नई व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। पहले का मॉडल ‘वन साइज फिट्स ऑल’ पर आधारित था, जहाँ माना जाता था कि पूरी दुनिया एक ही केंद्र के ईर्द-गिर्द चलेगी। लेकिन अब भारत इस सोच को चुनौती दे रहा है और खुद को एक स्वतंत्र आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के विकास मॉडल की चार प्रमुख स्तंभों के माध्यम से व्याख्या की है। उन्होंने बताया कि कैसे पिछले एक दशक की चुनौतियों (महामारी, युद्ध और सप्लाई चेन संकट) के बावजूद भारत ने अपनी लोकतांत्रिक और आर्थिक जड़ों को मजबूत किया है।
भाषण की 4 बड़ी बातें:
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प्रतिबद्धता वाले सुधार: प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का भारत अब ‘रिएक्टिव’ नहीं बल्कि ‘प्रो-एक्टिव’ है। सुधार अब किसी संकट का इंतजार नहीं करते, बल्कि भविष्य की जरूरतों को देखकर किए जाते हैं।
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आउटकम-बेस्ड बजट: सरकार ने बजट की परिभाषा बदल दी है। अब ध्यान केवल इस पर नहीं है कि कितना पैसा आवंटित हुआ, बल्कि इस पर है कि उस खर्च का वास्तविक परिणाम (Outcome) क्या निकला।
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संकट में सामर्थ्य: पिछले 10 साल में दुनिया ने कई बड़े संकट देखे, लेकिन भारत ने इन मुश्किलों को विकास के अवसर में बदल दिया।
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इनोवेशन ही आधार: विकास की दौड़ में बने रहने के लिए टेक्नोलॉजी और नए विचारों (Innovation) को शासन के मुख्य साधन के रूप में अपनाया गया है।



