मध्य प्रदेश में किसानों की बढ़ी चिंता: फरवरी में तीसरी बार बारिश के संकेत, 16 फरवरी से बदलेगा सिस्टम

भोपाल: मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड की विदाई के बीच अब बेमौसम बारिश किसानों और आम जन की चिंता बढ़ाने वाली है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाले एक नए वेदर सिस्टम के कारण 16 फरवरी से प्रदेश के हवाओं का रुख बदलेगा, जिसका असर 18 और 19 फरवरी को बारिश के रूप में दिखेगा।
इन जिलों में दिखेगा असर: विशेषज्ञों ने ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के जिलों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा हो सकती है।
फसलों पर संकट: फरवरी महीने की शुरुआत में हुई ओलावृष्टि और तेज आंधी ने पहले ही फसलों को भारी क्षति पहुंचाई है। प्रशासन द्वारा उस नुकसान का सर्वे अभी पूरा ही हुआ था कि अब तीसरी बार बारिश की आहट ने खेती-किसानी पर संकट के बादल मंडरा दिए हैं। हालांकि, अगले दो दिनों तक तापमान में हल्की वृद्धि से गर्मी का अहसास होगा, लेकिन बादल छाते ही फिर से नमी बढ़ेगी। वर्तमान में सक्रिय सिस्टम केवल पहाड़ों तक सीमित है, लेकिन आगामी 16 तारीख से शुरू होने वाला सिस्टम मैदानी इलाकों में असर दिखाएगा।



