रंगों और परंपराओं का संगम: जब मुख्यमंत्री ने जिया भगोरिया का उल्लास; उदयगढ़ में दिखी जनजातीय गौरव की झलक

अलीराजपुर का उदयगढ़ क्षेत्र उस समय सांस्कृतिक रंगों से सराबोर हो उठा जब प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भगोरिया उत्सव के बीच पहुँचे। उत्सव का माहौल ऐसा था कि हर ओर मांदल और ढोल की थाप गूँज रही थी। जनजातीय युवक-युवतियां अपनी पारंपरिक और रंग-बिरंगी वेषभूषा में सजे-धजे थे। जहाँ पुरुष धोती, अंगोछा और साफा पहने थे, वहीं महिलाएं कांचली, घाघरा और पारंपरिक कढ़ाईयुक्त परिधानों के साथ चांदी के हार, हांसली और कड़ों की झंकार से वातावरण को भव्य बना रही थीं।
मुख्यमंत्री ने इस दृश्य को देखकर कहा कि भगोरिया के वास्तविक स्वरूप को इसमें प्रत्यक्ष शामिल होकर ही महसूस किया जा सकता है। उन्होंने जनजातीय समाज के सामूहिक उल्लास और ‘कुर्ता कुर्राटियों’ के साथ किए जा रहे लोकनृत्य की सराहना की। यह आयोजन न केवल एक उत्सव था, बल्कि राज्य सरकार की जनजातीय समाज के प्रति संवेदनशीलता का प्रतिबिंब भी था।



