शेयर बाज़ार अपडेट :

ग्लोबल वॉर के साये में भारतीय शेयर बाजार धराशायी: सेंसेक्स 1500 अंक टूटा, कच्चे तेल में 10% का जबरदस्त उछाल

अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव ने आज यानी 2 मार्च को वैश्विक अर्थव्यवस्था सहित भारतीय शेयर बाजार की कमर तोड़ दी है। युद्ध की आहट से सहमे निवेशकों ने बाजार में भारी बिकवाली की, जिससे दलाल स्ट्रीट पर हाहाकार मच गया।

बाजार का ताजा हाल: निवेशकों के अरबों रुपये डूबे

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

  • सेंसेक्स: बीएसई सेंसेक्स 1500 अंकों (1.80%) से अधिक की भारी गिरावट के साथ 79,800 के स्तर पर आ गया है।

  • निफ्टी: एनएसई निफ्टी भी सुरक्षित नहीं रहा और करीब 450 अंक (1.80%) फिसलकर 24,700 के मनोवैज्ञानिक स्तर पर कारोबार कर रहा है।


क्यों गिर रहा है बाजार? सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ते कदम

जियोपॉलिटिकल तनाव (भू-राजनीतिक तनाव) और युद्ध जैसी स्थितियों में हमेशा अनिश्चितता का माहौल रहता है। इसके पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  1. महंगाई का डर: युद्ध से सप्लाई चेन बाधित होती है, जिससे कच्चे तेल और अन्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ती हैं। इससे वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।

  2. कॉर्पोरेट मुनाफे पर संकट: लागत बढ़ने से कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन में कमी आती है, जिससे निवेशक घबराकर शेयर बेचना शुरू कर देते हैं।

  3. सेफ हेवन की तलाश: बाजार में गिरावट के समय निवेशक जोखिम भरे इक्विटी मार्केट से पैसा निकालकर सोने और चांदी जैसी ‘सेफ हेवन’ संपत्तियों में निवेश करना पसंद करते हैं।


कच्चे तेल में लगी आग: 120 डॉलर तक जा सकते हैं भाव

मिडल-ईस्ट में बढ़ते तनाव का सबसे सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है।

  • मौजूदा स्थिति: ब्रेंट क्रूड की कीमतें 10% की छलांग लगाकर 79 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं।

  • भविष्य की आशंका: विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव कम नहीं हुआ और युद्ध व्यापक रूप ले लेता है, तो तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल का आंकड़ा भी छू सकती हैं।

  • भारत पर प्रभाव: इसका सीधा असर भारत में ईंधन की कीमतों पर पड़ेगा। अनुमान है कि दिल्ली में पेट्रोल 95 रुपये से बढ़कर 100 रुपये और डीजल 88 रुपये से बढ़कर 92 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो सकता है। आज के कारोबार में एनर्जी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा मार पड़ी है।


एशियाई और अमेरिकी बाजारों का रिपोर्ट कार्ड

युद्ध के डर ने केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के बाजारों को अपनी चपेट में ले लिया है।

एशियाई बाजारों की स्थिति:

  • जापान (निक्केई): 1.46% की गिरावट के साथ 57,993 पर।

  • हॉन्गकॉन्ग (हैंगसेंग): 2.02% की भारी गिरावट के साथ 26,105 पर।

  • चीन (शंघाई कंपोजिट): हालांकि, चीन का बाजार विपरीत दिशा में जाते हुए 0.42% की मामूली बढ़त के साथ 4,180 पर दिखा।

अमेरिकी बाजार (27 फरवरी के आंकड़े): पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी बाजार भी दबाव में दिखे थे:

  • डाउ जोन्स: 17 अंक (1.05%) गिरकर 48,977 पर बंद हुआ।

  • नैस्डैक: टेक शेयरों वाला यह इंडेक्स 0.92% गिरकर 22,668 पर रहा।

  • S&P 500: 0.43% की गिरावट के साथ 6,878 पर बंद हुआ।

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