मिडिल ईस्ट में ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों से मचा हड़कंप, अमेरिका समेत 7 देशों ने दी गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी

अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई के जवाब में ईरान द्वारा मिडिल ईस्ट के कई देशों पर किए गए ताबड़तोड़ हमलों ने पूरे क्षेत्र में युद्ध का खतरा बढ़ा दिया है। ईरान की इस सैन्य कार्रवाई की अमेरिका और खाड़ी के छह प्रमुख देशों (बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात) ने कड़े शब्दों में निंदा की है।

संप्रभुता का उल्लंघन और ‘खतरनाक बढ़त’ अमेरिकी राज्य विभाग द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में इन सात देशों ने ईरान के कृत्यों को “लापरवाह और बिना सोचे-समझे किया गया हमला” करार दिया है। बयान में कहा गया है कि ईरान ने मिसाइलों और ड्रोनों के जरिए कई संप्रभु क्षेत्रों को निशाना बनाया है, जिससे इलाके की स्थिरता को सीधा खतरा पैदा हो गया है। इन हमलों का असर बहरीन, इराक (कुर्दिस्तान सहित), जॉर्डन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई पर पड़ा है।

अंतरराष्ट्रीय नियमों की धज्जियां उड़ाने का आरोप संयुक्त बयान में तेहरान की हरकतों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सीधा उल्लंघन बताया गया है। सरकारों ने ईरान पर आरोप लगाया कि उसने जानबूझकर उन देशों और आम नागरिकों को निशाना बनाया जो इस दुश्मनी में सीधे तौर पर शामिल नहीं थे। इसे एक “अस्थिर करने वाला व्यवहार” बताया गया है।

रक्षात्मक गठबंधन और एयर डिफेंस पर जोर इन सात देशों ने अपनी सुरक्षा के लिए एकजुट रहने और किसी भी हमले का मिलकर जवाब देने के अपने अधिकार को फिर से पक्का किया है। बयान में कहा गया कि क्षेत्र में साझा एयर और मिसाइल डिफेंस सहयोग की वजह से ही जान-माल के बड़े नुकसान को टाला जा सका है। अमेरिका की रणनीति का एक मुख्य हिस्सा खाड़ी देशों के साथ मिलकर एक एकीकृत एयर डिफेंस सिस्टम तैयार करना है, ताकि ईरान के बढ़ते ड्रोन और मिसाइल खतरे से निपटा जा सके।

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