AI से 6G तक: भारत और फिनलैंड के बीच बढ़ेगी रणनीतिक नजदीकी, पीएम मोदी ने द्विपक्षीय वार्ता में रखा रोडमैप

भारत और फिनलैंड अब केवल व्यापारिक साझेदार नहीं, बल्कि तकनीकी सहयोगी के रूप में उभर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब की मुलाकात ने यह साफ कर दिया है कि आने वाला समय क्वांटम कंप्यूटिंग और सस्टेनेबिलिटी का है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को फिनलैंड के साथ आर्थिक और तकनीकी संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ करने की घोषणा की। हैदराबाद हाउस में आयोजित द्विपक्षीय बैठक में व्यापारिक बाधाओं को दूर करने और निवेश के नए रास्ते खोलने पर विस्तार से चर्चा हुई।
FTA बनेगा विकास का इंजन प्रधानमंत्री ने इस साल भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को एक ‘गेम-चेंजर’ करार दिया। उन्होंने कहा कि यह समझौता फिनलैंड और भारत के बीच व्यापारिक आदान-प्रदान और औद्योगिक सहयोग के लिए उत्प्रेरक का काम करेगा।
मुख्य बिंदु:
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हैदराबाद हाउस में मंथन: दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर गहन चर्चा की।
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व्यापार को नई रफ़्तार: इस वर्ष हुए FTA से फिनलैंड के निवेश को भारत में बड़ी गति मिलने की उम्मीद है।
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कूटनीतिक सक्रियता: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी राष्ट्रपति स्टब से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न आयामों पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति स्टब के सम्मान में लंच आयोजित किया और रायसीना डायलॉग में उनकी भागीदारी को भारत के लिए गौरव की बात बताया।



