करीला धाम में गूंजा शंखनाद: मुख्यमंत्री ने की माता जानकी की पूजा, लव-कुश की जन्मस्थली के कायाकल्प का लिया संकल्प

अशोकनगर का करीला धाम रविवार को भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यहाँ माता जानकी के दरबार में मत्था टेका। मुख्यमंत्री ने न केवल विधि-विधान से पूजा-अर्चना की, बल्कि मंदिर परिसर में ढोल बजाकर शंखनाद किया और श्रद्धालुओं के साथ फूलों की होली भी खेली।
मुख्यमंत्री ने करीला धाम के आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह स्थान महर्षि वाल्मीकि, माता सीता और लव-कुश की बाल लीलाओं का साक्षी है। उन्होंने घोषणा की कि सरकार उन सभी स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित कर रही है जहाँ भगवान राम के चरण पड़े थे।
महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति सदैव सर्वोपरि रही है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में उन्होंने डॉ. अमिता सेठी (शिक्षा), श्रीमती नैना शर्मा (धर्म), सुश्री पूनम रघुवंशी (खेल) सहित सात विभूतियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार किसानों और महिलाओं के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके तहत किसान सम्मान निधि और अन्य आरक्षण नीतियां लागू की जा रही हैं।


