ऊर्जा संकट पर सरकार का कड़ा रुख: रिफाइनरियों और उर्वरक संयंत्रों के लिए नए नियम लागू; 80% गैस आपूर्ति का कोटा तय

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाइड्रोकार्बन की कमी की आशंका के बीच घरेलू उद्योगों और उर्वरक क्षेत्र के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिकता श्रेणी-2 में आने वाले उर्वरक संयंत्रों को पिछले छह महीनों की औसत खपत का 70 प्रतिशत हिस्सा ही उपलब्ध कराया जाएगा, बशर्ते गैस परिचालन के लिए उपलब्ध हो।

प्रमुख निर्देश और शर्तें:

  • उर्वरक क्षेत्र: संयंत्रों को यह हलफनामा देना होगा कि वे आवंटित गैस का उपयोग केवल उर्वरक उत्पादन के लिए ही कर रहे हैं। इसकी रिपोर्ट पेट्रोलियम योजना और विश्लेषण प्रकोष्ठ (PPAC) को भेजी जाएगी।

  • औद्योगिक उपभोक्ता: चाय उद्योग और अन्य विनिर्माण इकाइयों को पिछले छह महीनों की औसत खपत का 80 प्रतिशत कोटा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

  • सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD): स्थानीय नेटवर्क के माध्यम से वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को भी उनकी औसत खपत का 80 प्रतिशत हिस्सा ही आपूर्ति किया जाएगा।

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