पश्चिम एशिया अपडेट: कतर से प्रस्थान की प्रक्रिया तेज, एयर इंडिया और इंडिगो की रियाद उड़ानें बहाल

भारत सरकार पश्चिम एशिया में फंसे अपने नागरिकों के लिए ‘सुरक्षा कवच’ तैयार कर रही है। कतर और सऊदी अरब में फंसे भारतीयों के लिए जमीनी और हवाई दोनों रास्ते खोले गए हैं। कतर एयरवेज के माध्यम से दिल्ली और मुंबई की उड़ानों ने घर वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जबकि रियाद से एयर इंडिया और इंडिगो की उड़ानों ने भारत के साथ हवाई संपर्क फिर से स्थापित कर दिया है।
दूतावास की महत्वपूर्ण पहल:
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ट्रांजिट वीजा: विजिट वीजा धारकों के लिए सऊदी अरब के रास्ते निकलने हेतु 96 घंटे के विशेष वीजा की व्यवस्था।
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24/7 सहायता: पासपोर्ट संबंधी कार्यों के लिए शुक्रवार और शनिवार को भी दूतावास का संचालन।
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अफवाहों पर रोक: स्थानीय प्रशासन ने बाजारों में राशन की उपलब्धता सुनिश्चित की है और नागरिकों से पैनिक बाइंग (जरूरत से ज्यादा सामान खरीदना) न करने की अपील की है।
मंत्रालय की रिपोर्ट बताती है कि 12 मार्च को अबू धाबी, दुबई, जेद्दा और मस्कट जैसे शहरों से 57 उड़ानें निर्धारित की गई हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तकनीकी बाधाओं के बावजूद हवाई आवाजाही सुचारू रहे और किराया सामान्य बना रहे।
पश्चिम एशिया में मौजूदा स्थिति को देखते हुए भारत सरकार द्वारा उठाए गए मुख्य कदम निम्नलिखित हैं:
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नागरिकों की वापसी: कतर से दो उड़ानों के माध्यम से 700 नागरिक सुरक्षित लौटे। कतर एयरवेज रोजाना भारत के लिए उड़ानें जारी रखेगा।
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सड़क मार्ग का विकल्प: वैध वीजा वाले यात्री सलवा बॉर्डर के जरिए सऊदी अरब होकर भारत आ सकते हैं।
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रियाद हवाई सेवा: 12 मार्च से मुंबई और कोझिकोड के लिए रियाद से सीधी उड़ानें शुरू। एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो ने कमान संभाली।
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आंकड़े: पिछले 12 दिनों में खाड़ी क्षेत्र से 1,50,457 यात्री भारत पहुंचे।
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किराया नियंत्रण: नागरिक उड्डयन मंत्रालय एयरलाइंस के साथ समन्वय कर रहा है ताकि हवाई टिकटों के दामों में अनुचित बढ़ोतरी न हो।
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दूतावास की अपील: कतर में रह रहे भारतीय अफवाहों से बचें, केवल आवश्यक सामान ही खरीदें और स्थानीय नियमों का पालन करें।



