युद्ध से उपजे वैश्विक संकट पर बोले पीएम मोदी- भारत सरकार जनता के हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक अस्थिरता के बीच देश को संबोधित करते हुए निम्नलिखित मुख्य बातें कहीं:
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वैश्विक संपर्क: संकट के समाधान और सप्लाई चेन को दुरुस्त करने के लिए वैश्विक नेताओं से बातचीत जारी है।
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आत्मनिर्भर भारत: पीएम ने कहा कि मौजूदा संकट ने ‘आत्मनिर्भरता’ के महत्व को और अधिक पुख्ता कर दिया है, विशेषकर ऊर्जा क्षेत्र में।
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एजेंडा चलाने वालों पर प्रहार: एलपीजी को लेकर भ्रम फैलाने वाले लोगों पर तंज कसते हुए उन्होंने इसे देश के लिए नुकसानदेह बताया।
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जनता का हित: उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार के सभी फैसलों में आम नागरिक का लाभ सर्वोपरि होगा और भारत इस चुनौती को पार कर लेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एलपीजी (LPG) की उपलब्धता को लेकर फैलाए जा रहे डर और एजेंडे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग संकट के समय में ‘पैनिक’ पैदा कर अपना स्वार्थ सिद्ध करना चाहते हैं, जिससे न केवल वे खुद एक्सपोज हो रहे हैं बल्कि देश का भी नुकसान कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र (Energy Sector) में भारत की तैयारियों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने इस क्षेत्र में ‘होलिस्टिक’ (समग्र) तरीके से काम किया है। उन्होंने कहा कि युद्ध के प्रभाव से कोई भी देश पूरी तरह अछूता नहीं है, लेकिन भारत सरकार अलग-अलग स्तरों पर प्रयास कर रही है ताकि घरेलू बाजार और जनता पर इसका कम से कम असर पड़े। पीएम ने दोहराया कि संकट के इस दौर में भी भारत अपनी विकास यात्रा और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य से पीछे नहीं हटेगा।



