समुद्री व्यापार को बचाने के लिए सरकार के बड़े कदम; बंदरगाहों पर शुल्क माफी और LPG जहाजों को मिलेगी प्राथमिकता

फारस की खाड़ी में जारी संघर्ष के कारण समुद्री व्यापार पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने कई बड़े नीतिगत निर्णय लिए हैं। पत्तन और पोत परिवहन मंत्रालय ने बंदरगाहों को निर्देश दिया है कि वे जहाजों के लिए लंगरगाह, बर्थ किराया और भंडारण शुल्क में विशेष छूट प्रदान करें। इसी कड़ी में कामराज बंदरगाह पर 25,000 मीट्रिक टन कार्गो के लिए पट्टे की अवधि भी बढ़ाई गई है।
देश में ऊर्जा संकट न हो, इसके लिए प्रमुख बंदरगाहों पर एलपीजी जहाजों को प्राथमिकता (Priority Berthing) दी जा रही है। पिछले कुछ दिनों में छह एलपीजी जहाजों को पोर्ट पर जगह दी गई है। इसके अलावा, जो मालवाहक जहाज खाड़ी क्षेत्र के तनाव के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं, उनके लिए सुरक्षित लंगरगाह क्षेत्र सुनिश्चित किए जा रहे हैं। मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में 30 नाविकों को हवाई मार्ग से स्वदेश वापस लाया गया है, जिससे अब तक वापस आने वाले नाविकों की कुल संख्या 253 हो गई है।



