28 मार्च को पीएम करेंगे जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन, देश के सबसे आधुनिक हवाई अड्डों में शामिल होने को तैयार

गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर में बन रहा नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा अब अपने अंतिम निर्माण चरण में पहुंच चुका है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को देश के सबसे आधुनिक और भव्य हवाई अड्डों की श्रेणी में शामिल करने की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री द्वारा इसका उद्घाटन 28 मार्च 2026 को किया जाएगा।
इस एयरपोर्ट की सबसे खास पहचान इसका मुख्य प्रवेश द्वार होगा, जिसे बेहद अनोखे अंदाज में तैयार किया जा रहा है। यह द्वार देश के अन्य हवाई अड्डों से अलग होगा और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के विशेष संगम को दर्शाएगा। इसमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की पारंपरिक कला और संस्कृति की झलक एक साथ देखने को मिलेगी।
एयरपोर्ट के इस मुख्य प्रवेश द्वार को बृजघाट की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक थीम पर विकसित किया गया है। गंगा तट पर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बृजघाट की वास्तुकला से प्रेरणा लेकर इस गेट को डिजाइन किया गया है। इसमें पारंपरिक नक्काशी, धार्मिक प्रतीकों और विविध सांस्कृतिक तत्वों को सुंदर तरीके से शामिल किया गया है।
इसका डिजाइन इस तरह से तैयार किया गया है कि एयरपोर्ट पर पहुंचते ही यात्रियों को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का अनुभव हो सके। यह प्रवेश द्वार केवल एक साधारण गेट नहीं रहेगा, बल्कि एक प्रमुख आकर्षण के रूप में उभरेगा।
एयरपोर्ट के अंदरूनी हिस्सों को भी अत्याधुनिक और यात्रियों के अनुकूल बनाया गया है। आगमन क्षेत्र में विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए नवीनतम तकनीकों का उपयोग किया गया है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डिजिटल सेवाएं, स्मार्ट चेक-इन सिस्टम और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
इसके अलावा, आगमन लाउंज में खोया-पाया केंद्र, प्राथमिक चिकित्सा और चिकित्सा सहायता जैसी सुविधाओं को पूरी तरह व्यवस्थित किया गया है, ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए एक गेम चेंजर साबित होने वाला है। इसके संचालन शुरू होने के बाद इस क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे व्यापार, पर्यटन और निवेश के नए अवसर खुलेंगे।
जेवर एयरपोर्ट का यह सांस्कृतिक रूप से समृद्ध प्रवेश द्वार न केवल यात्रियों का स्वागत करेगा, बल्कि भारतीय परंपरा और आधुनिकता के अद्भुत संगम का प्रतीक भी बनेगा।



