जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने पर जोर, जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 की समीक्षा

अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने “जल गंगा संवर्धन अभियान-2026” के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी लक्ष्य निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि अभियान के सफल संचालन के लिए शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करना अनिवार्य है।
भोपाल स्थित विकास भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि जल संरक्षण, संवर्धन और प्रबंधन से जुड़े प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए और इसमें आम जनता की भागीदारी बढ़ाई जाए।
आयुक्त श्री अवि प्रसाद ने बैठक में बताया कि अभियान की निगरानी के लिए एक सिंगल डैशबोर्ड तैयार किया जा रहा है, जिससे सभी विभागों की प्रगति पर नजर रखी जा सकेगी। इसके माध्यम से विभागों की रैंकिंग भी की जाएगी, जिससे प्रतिस्पर्धात्मक कार्य संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। विभिन्न विभागों ने एमआईएस पोर्टल के आंकड़ों के आधार पर अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
अधिकारियों ने बताया कि अभियान के अंतर्गत चल रही गतिविधियों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। यह अभियान 19 मार्च 2026 से पूरे प्रदेश में लागू हो चुका है और इसका उद्देश्य जल संरक्षण के कार्यों को जनभागीदारी के साथ व्यापक स्तर पर लागू करना है।
बैठक में कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, वन, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, उद्यानिकी, कृषि एवं किसान कल्याण, उद्योग, एमएसएमई, पर्यावरण, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, राजस्व, संस्कृति, जन अभियान परिषद और जनसंपर्क विभाग शामिल थे।



