विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता जागरूकता अभियान तेज, हावड़ा में SVEEP कार्यक्रम का आयोजन

विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में मतदाता जागरूकता अभियान को गति दे दी है। इसी क्रम में हावड़ा में सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता (SVEEP) कार्यक्रम “चुनाव का पर्व, पश्चिम बंगाल का गर्व” आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करना है।
पश्चिम बंगाल के साथ-साथ असम, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु में भी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) और जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) के समन्वय से व्यापक जागरूकता गतिविधियां शुरू की गई हैं। इन पहलों का मुख्य लक्ष्य शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और अधिक भागीदारी वाले चुनाव सुनिश्चित करना है।
हावड़ा में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत साइक्लोथॉन से की गई, जिसमें स्कूल और कॉलेज के छात्र, युवा वर्ग और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। यह साइक्लोथॉन हावड़ा ब्रिज चेक पोस्ट से शुरू होकर रेल संग्रहालय होते हुए रामकृष्णपुर फेरी घाट तक पहुंची।
इसके बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए भी मतदान के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। लोकगीत, नृत्य और नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही मतदाता जागरूकता से जुड़ी नौका सेवा सहित कई अन्य SVEEP पहलों की भी शुरुआत की गई।
कार्यक्रम में लोकप्रिय कार्टून पात्र ‘छोटा भीम’ और ‘चुटकी’ विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। इन पात्रों के माध्यम से खासकर युवाओं और पहली बार वोट देने वालों को मतदान के प्रति प्रेरित किया गया।
इस अभियान में विशेष रूप से शहरी मतदाताओं, महिलाओं, दिव्यांगजनों, युवाओं और नए मतदाताओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इसके साथ ही मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
जागरूकता अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पश्चिम बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी इसमें शामिल किया गया है। कालीघाट चित्रकला, पट्टाचित्र, छऊ नृत्य, जात्रा थिएटर और बाउल परंपरा जैसे माध्यमों से लोगों तक संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि स्थानीय स्तर पर बेहतर संवाद स्थापित हो सके।
इसके अलावा निर्वाचन आयोग द्वारा मतदान प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के लिए नई डिजिटल और तकनीकी सुविधाओं का भी प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इनमें ईसीआईनेट ऐप, शत-प्रतिशत वेबकास्टिंग, बेहतर मतदाता सूचना पर्ची और मतदान केंद्रों पर मोबाइल जमा करने जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
युवाओं को जागरूक करने के लिए कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में चुनाव साक्षरता क्लब (ELC) के माध्यम से अभियान चलाया जाएगा। साथ ही सोशल मीडिया के जरिए भी व्यापक स्तर पर प्रचार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक युवा मतदान प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित हो सकें।



