तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक गिरावट से दबा बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट

भारतीय शेयर बाजार में 30 मार्च को भारी उतार-चढ़ाव के बीच बड़ी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 1636 अंकों की गिरावट के साथ 71,948 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 488 अंक टूटकर 22,331 के स्तर पर आ गया।
बाजार में इस गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां प्रमुख कारण रहीं। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष ने वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित किया है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज उछाल ने बाजार पर दबाव डाला। क्रूड ऑयल 2% की बढ़त के साथ 116 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो युद्ध से पहले लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर था।
सेक्टोरल आधार पर देखें तो बैंकिंग, रियल एस्टेट और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना।
एशियाई बाजारों का रुख भी नकारात्मक रहा। जापान, दक्षिण कोरिया और हांगकांग के बाजारों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि चीन का बाजार हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ।
अमेरिकी बाजारों में भी इससे पहले गिरावट का माहौल बना हुआ था। डाउ जोन्स, नैस्डैक और S&P 500 सभी प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए थे, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
गौरतलब है कि इससे पहले 27 मार्च को भी भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई थी, जिससे लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा।



