ईरान के खोंडाब भारी जल संयंत्र पर हमले से भारी नुकसान, आईएईए ने कहा—अब नहीं है परिचालन में
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने पुष्टि की है कि मध्य ईरान के खोंडाब स्थित भारी जल उत्पादन संयंत्र को हालिया हमले में गंभीर क्षति पहुंची है और अब यह पूरी तरह से संचालन से बाहर हो चुका है। एजेंसी ने यह जानकारी सैटेलाइट तस्वीरों और उपलब्ध तकनीकी आंकड़ों के स्वतंत्र विश्लेषण के आधार पर दी है।
आईएईए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में बताया कि 27 मार्च को ईरान ने जिस हमले की सूचना दी थी, उसी के बाद किए गए विश्लेषण में संयंत्र को भारी नुकसान की पुष्टि हुई है। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि इस संयंत्र में कोई घोषित परमाणु सामग्री मौजूद नहीं थी, इसलिए रेडिएशन फैलने का कोई खतरा नहीं है।
इससे पहले 27 मार्च को ही आईएईए को ईरान की ओर से हमले की जानकारी दी गई थी। उस समय भी एजेंसी ने कहा था कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और किसी तरह का रेडिएशन रिसाव सामने नहीं आया है। ये हमले 28 फरवरी से जारी अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और संघर्ष के दौरान हुए हैं।
आईएईए ने शनिवार को एक और अपडेट में बताया कि ईरान ने खोंडाब स्थित भारी जल संयंत्र सहित कई महत्वपूर्ण परमाणु सुविधाओं पर नए हमलों की सूचना दी है। एजेंसी ने दोहराया कि संयंत्र में परमाणु सामग्री न होने के कारण रेडिएशन का जोखिम नहीं है।
इसी घटनाक्रम के बीच ईरान ने यह भी जानकारी दी कि खुज़ेस्तान स्थित एक स्टील उत्पादन संयंत्र को भी निशाना बनाया गया। यह औद्योगिक इकाई माप संबंधी कार्यों के लिए कोबाल्ट-60 और सीज़ियम-137 जैसे सीलबंद रेडियोधर्मी स्रोतों का उपयोग करती है। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि इस हमले के बावजूद संयंत्र से किसी प्रकार का रेडिएशन रिसाव नहीं हुआ और वहां कामकाज सामान्य रूप से जारी है।
इससे पहले शुक्रवार को आईएईए ने बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर भी चिंता जताई थी। एजेंसी के अनुसार, पिछले 10 दिनों में यह तीसरी बार है जब इस तरह के हमलों या सैन्य गतिविधियों की सूचना सामने आई है।



