समृद्ध किसान-समृद्ध मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2026 को ‘कृषि उत्सव’ और ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित किया

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि को मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की धुरी बताते हुए वर्ष 2026 को पूरे प्रदेश में ‘कृषि उत्सव’ के रूप में मनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि कृषि केवल आजीविका नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति है। “कृषिः मूलं जीवनम्” के भाव के साथ राज्य सरकार अब “जय अनुसंधान” के मंत्र को अपनाकर खेती को तकनीक और लाभ आधारित मॉडल में बदल रही है।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि मध्यप्रदेश ‘एग्री स्टैक’ योजना के क्रियान्वयन में देश में अग्रणी है, जहाँ किसानों का संपूर्ण डेटा डिजिटल रूप में उपलब्ध है। सरकार का लक्ष्य दुग्ध उत्पादन को 9% से बढ़ाकर 20% करना है। इसके साथ ही, प्रदेश में प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य और ‘ड्रोन दीदी’ जैसे नवाचारों के माध्यम से महिलाओं को आधुनिक कृषि से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कृषि को पर्यटन और एग्री-इंडस्ट्री से जोड़कर किसानों की आय के नए स्रोत विकसित किए जा रहे हैं।



