सिंचाई क्षेत्र में मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक छलांग: 2028-29 तक 100 लाख हेक्टेयर रकबे का लक्ष्य, तीन राज्यों के साथ नदी जोड़ो परियोजनाओं पर काम शुरू

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को कृषि और समृद्धि के नए शिखर पर ले जाने के लिए तीन बड़ी अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजनाओं को तरक्की का आधार बताया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के साथ मिलकर संचालित इन परियोजनाओं से प्रदेश की मिट्टी ‘सोना उगलेगी’ और किसान साल में तीन फसलें ले सकेंगे।
वर्तमान में प्रदेश की सिंचाई क्षमता 55 लाख हेक्टेयर है, जिसे सरकार ने वर्ष 2028-29 तक बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इन परियोजनाओं की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनका 90% खर्च केंद्र सरकार वहन कर रही है। इसमें केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड के 10 जिलों की प्यास बुझेगी, वहीं पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक से मालवा और चंबल के 13 जिलों के किसानों को लाभ मिलेगा। तापी मेगा रिचार्ज परियोजना के जरिए बुरहानपुर और खंडवा में भू-जल स्तर सुधारने की दिशा में अभिनव कार्य किया जा रहा है।



