वंदे भारत एक्सप्रेस की बढ़ती लोकप्रियता, आधुनिक और तेज रेल यात्रा की बनी नई पहचान

वंदे भारत एक्सप्रेस देश में आधुनिक, तेज और आरामदायक रेल यात्रा का प्रतीक बनती जा रही है। भारतीय रेलवे की यह सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन लगातार यात्रियों का भरोसा जीत रही है और यात्रा के अनुभव को नई दिशा दे रही है।
वित्त वर्ष 2025-26 में वंदे भारत एक्सप्रेस से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस दौरान लगभग 3.98 करोड़ यात्रियों ने इस ट्रेन का उपयोग किया, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह संख्या 2.97 करोड़ थी। इस तरह करीब 34% की वृद्धि यह दर्शाती है कि यात्री तेजी से आधुनिक और सुविधाजनक यात्रा विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं।
अपनी शुरुआत से लेकर अब तक वंदे भारत एक्सप्रेस ने करीब 1 लाख ट्रिप्स के माध्यम से 9.1 करोड़ से अधिक यात्रियों को सेवा प्रदान की है। यह उपलब्धि इस ट्रेन की विश्वसनीयता और बढ़ती मांग को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
कुछ प्रमुख मार्गों पर इस ट्रेन की खास लोकप्रियता देखी जा रही है। नई दिल्ली-वाराणसी रूट सबसे व्यस्त बना हुआ है, जहां 73 लाख से अधिक यात्रियों ने सफर किया है। इसके अलावा नई दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा मार्ग पर लगभग 56 लाख यात्री यात्रा कर चुके हैं। दक्षिण भारत में सिकंदराबाद-विशाखापत्तनम मार्ग पर 48 लाख से अधिक और चेन्नई-मैसूरु मार्ग पर 36 लाख से ज्यादा यात्रियों ने इस सेवा का लाभ उठाया है। इन मार्गों ने क्षेत्रीय संपर्क और पर्यटन को मजबूती दी है।
वंदे भारत एक्सप्रेस की सेवाओं से देश के प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक और तटीय स्थलों तक पहुंच आसान हुई है। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिला है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि हुई है।
जनवरी 2026 में शुरू की गई वंदे भारत शयनयान सेवा को भी शानदार प्रतिक्रिया मिली है। शुरुआती तीन महीनों में ही 119 फेरों के माध्यम से 1.21 लाख यात्रियों ने इसका उपयोग किया। इस दौरान 100% से अधिक ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई, जो प्रीमियम नाइट ट्रैवल की बढ़ती मांग को दर्शाती है।
फरवरी 2019 में नई दिल्ली-वाराणसी मार्ग से शुरू हुई वंदे भारत एक्सप्रेस ‘मेक इन इंडिया’ पहल का एक मजबूत उदाहरण बन चुकी है। स्वदेशी तकनीक, तेज गति, उन्नत सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं से लैस यह ट्रेन भारतीय रेलवे के नवाचार और यात्री-केंद्रित दृष्टिकोण को प्रदर्शित करती है।



