अन्नदाता के जीवन में खुशियों के रंग भरेगा ‘कृषि लोकरंग-2026’: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संकल्प

“किसान केवल अपने परिवार का पेट नहीं भरता, वह समाज के साथ-साथ पशु-पक्षियों और कीट-पतंगों का भी उदर-पोषण करता है।” यह विचार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘कृषि लोकरंग-2026’ की समीक्षा बैठक के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जो किसान दिन-रात परिश्रम कर सबके भविष्य को सुरक्षित करता है, उसके जीवन में आनंद और उत्सव का संचार करना सरकार का प्राथमिक दायित्व है।

उत्सव का स्वरूप: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि लोकरंग को किसानों की प्राचीन परंपराओं और संस्कृति के जीवंत उत्सव के रूप में विकसित किया जाए। इसमें हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों और कृषि आधारित उद्योगों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी ताकि किसानों को सीधे बाजार से जोड़ा जा सके। नई पीढ़ी को खेती का महत्व समझाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने उन्नत कृषि तकनीकों और जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रोत्साहित करने की बात भी कही। उन्होंने जोर दिया कि इस आयोजन के माध्यम से किसान न केवल आर्थिक रूप से, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी स्वयं को सम्मानित महसूस करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button