नारी शक्ति के नाम पीएम मोदी का संदेश, महिला आरक्षण लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशभर की महिलाओं को संबोधित करते हुए एक विस्तृत पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने विधायी संस्थाओं में महिलाओं को आरक्षण देने की पहल को मिल रहे व्यापक समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने ‘नारी शक्ति’ को भरोसा दिलाया कि लंबे समय से लंबित इस महत्वपूर्ण सुधार को लागू करने के लिए उनकी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
अपने पत्र में प्रधानमंत्री ने अप्रैल माह के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए B. R. Ambedkar की जयंती को याद किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब द्वारा निर्मित संविधान आज भी देश को दिशा दे रहा है और सामाजिक न्याय के मूल्यों को सुदृढ़ बनाए हुए है।
प्रधानमंत्री ने वर्तमान परिदृश्य का जिक्र करते हुए लिखा कि आज भारतीय महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। स्टार्टअप्स, विज्ञान, शिक्षा, खेल, कला और संस्कृति जैसे विविध क्षेत्रों में उनकी सक्रिय भागीदारी देश के लिए सकारात्मक संकेत है। उन्होंने विशेष रूप से खेल जगत का उल्लेख करते हुए कहा कि छोटे शहरों से उभरकर महिलाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल कर रही हैं, जो नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।
उन्होंने जमीनी स्तर पर हो रहे बदलावों का भी उल्लेख किया और बताया कि स्वयं सहायता समूहों तथा ‘लखपति दीदी’ जैसी पहलें महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रधानमंत्री ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए Sardar Vallabhbhai Patel द्वारा अहमदाबाद म्युनिसिपैलिटी में महिलाओं के लिए सीट आरक्षण की पहल का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारत ने महिलाओं और पुरुषों को समान मतदान अधिकार देकर दुनिया के कई देशों के मुकाबले प्रगतिशील कदम उठाया।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीकार किया कि पिछले दशकों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के प्रयास हुए, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। ऐसे में अब समय आ गया है कि विधायी निकायों में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने वर्ष 2047 का लक्ष्य सामने रखते हुए कहा कि जब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब ‘विकसित भारत’ का सपना साकार करने में महिलाओं की भूमिका निर्णायक होगी। नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी देश की विकास गति को और तेज करेगी। इसी दृष्टिकोण के तहत ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ लाया गया है, जिसका उद्देश्य महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करना है। उन्होंने आशा जताई कि यह संवैधानिक संशोधन संसद से शीघ्र पारित होगा।
पत्र के अंत में प्रधानमंत्री ने महिलाओं से अपील की कि वे अपने-अपने सांसदों को पत्र लिखकर इस विधेयक के समर्थन में आवाज उठाएं, क्योंकि यह निर्णय आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को प्रभावित करेगा। साथ ही उन्होंने सभी महिलाओं को आगामी त्योहारों की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि की कामना की।



