होर्मुज स्ट्रेट घटना पर भारत का बयान, जहाजों की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता

भारत ने होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय जहाजों को निशाना बनाकर की गई फायरिंग पर अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। शनिवार को विदेश मंत्रालय ने इस घटना को लेकर चिंता जताई और ईरान के राजदूत के साथ इस विषय पर चर्चा की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस मुद्दे पर ईरान के राजदूत को नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय में बुलाया गया, जहां विदेश सचिव के साथ उनकी बैठक हुई। बैठक के दौरान विदेश सचिव ने होर्मुज स्ट्रेट में हुई गोलीबारी की घटना को लेकर भारत की गहरी चिंता दर्ज कराई और बताया कि इससे भारतीय झंडे वाले दो जहाज प्रभावित हुए।
विदेश सचिव ने स्पष्ट किया कि भारत व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को अत्यंत महत्व देता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अतीत में ईरान ने भारत आने वाले जहाजों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने में सहयोग किया है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस गंभीर घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए विदेश सचिव ने ईरानी राजदूत से अनुरोध किया कि भारत की स्थिति को ईरान के संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने की प्रक्रिया को जल्द बहाल किया जाए। इस पर ईरानी राजदूत ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए आश्वासन दिया कि भारत की चिंताओं को आगे पहुंचाया जाएगा।
यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) की ओर से जारी चेतावनी के मुताबिक, ओमान के उत्तर-पूर्व में लगभग 20 नॉटिकल मील दूरी पर गनबोट्स द्वारा एक टैंकर को निशाना बनाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, दो आईआरजीसी गनबोट्स बिना किसी पूर्व चेतावनी के टैंकर के पास पहुंचीं और गोलीबारी शुरू कर दी। हालांकि, इस घटना में किसी प्रकार की क्षति या हताहत की सूचना नहीं है।
विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि इस घटना से जुड़े जहाजों में ‘जग अर्णव’ और ‘सन्मार हेराल्ड’ शामिल हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार ‘जग अर्णव’ पर फायरिंग की गई, जबकि दूसरा जहाज सुरक्षित रहा।



