भारत-श्रीलंका संबंधों को नई दिशा: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन और राष्ट्रपति दिसानायका की महत्वपूर्ण बैठक

भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 19-20 अप्रैल के दो दिवसीय दौरे पर श्रीलंका पहुंचे, जहां उन्होंने कोलंबो में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की।
श्रीलंका पहुंचने पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का पारंपरिक कंडियन नृत्य के साथ स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति सचिवालय में राष्ट्रपति दिसानायका के साथ औपचारिक बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और श्रीलंका के साझा इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और लोगों के बीच गहरे संबंधों को और मजबूत बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया।
बैठक के बाद साझा जानकारी में बताया गया कि दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न आयामों को आगे बढ़ाने पर सकारात्मक चर्चा की। उपराष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि यह वार्ता दोनों देशों के पारंपरिक और बहुआयामी संबंधों को और गहरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण रही।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने बताया कि बातचीत के दौरान इंडियन हाउसिंग प्रोजेक्ट और तूफान दित्वाह से प्रभावित क्षेत्रों के लिए 450 मिलियन पैकेज के तहत चल रही परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें विशेष रूप से भारतीय मूल के तमिल समुदाय के प्रभावित इलाकों में पुनर्निर्माण और पुनर्वास के प्रयासों को लेकर विचार किया गया।
इसके अलावा, दोनों देशों के बीच मछुआरों से जुड़े मुद्दों पर भी मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर सहमति बनी। इस दौरान दोनों पक्षों ने मछली पकड़ने वाले समुदायों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए समाधान तलाशने पर जोर दिया।
यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह किसी भारतीय उपराष्ट्रपति का श्रीलंका का पहला आधिकारिक द्विपक्षीय दौरा है। यात्रा से पहले दी गई जानकारी के अनुसार, उपराष्ट्रपति इस दौरान भारत सरकार की सहायता से बने इंडियन हाउसिंग प्रोजेक्ट के तीसरे चरण के तहत तैयार घरों को तमिल समुदाय के लोगों को सौंपेंगे।



