अक्षय तृतीया पर प्रयागराज संगम में श्रद्धालुओं की भीड़, हजारों लोगों ने किया स्नान और पूजा

अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित संगम तट पर रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सुबह से ही लोगों का आना शुरू हो गया और हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में स्नान कर पूजा-अर्चना की।
पूरे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण देखने को मिला, जहां श्रद्धालुओं ने स्नान के साथ विधि-विधान से पूजा कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। संगम तट पर दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।
संगम पर पहुंची श्रद्धालु प्रतिभा राय ने बताया कि अक्षय तृतीया के अवसर पर वह अपने परिवार के साथ स्नान के लिए आई हैं। उन्होंने कहा कि इस दिन संगम में स्नान और पूजा करने का विशेष महत्व होता है, जिससे जीवन में शुभ फल प्राप्त होते हैं। उन्होंने अपने परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना की।
श्रद्धालु अनीता यादव ने कहा कि अक्षय तृतीया के दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है। उनके अनुसार, इस दिन किया गया दान कई गुना फल देता है। उन्होंने अपने परिवार के साथ-साथ देश की खुशहाली और सभी लोगों की सुरक्षा की कामना की।
एक अन्य श्रद्धालु स्नेहा ने बताया कि उन्होंने अपने परिवार, आसपास के लोगों और देश की सुख-शांति व अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बाद स्वास्थ्य का महत्व और अधिक स्पष्ट हुआ है और स्वस्थ रहना सबसे बड़ी संपत्ति है। उन्होंने यह भी कहा कि इस दिन दान-पुण्य करना और बड़ों का आशीर्वाद लेना शुभ माना जाता है।
संगम पर मौजूद एक ब्राह्मण ने बताया कि अक्षय तृतीया और भगवान परशुराम जयंती के संयुक्त अवसर के कारण श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रही। उन्होंने कहा कि इस दिन गंगा स्नान, पूजा-पाठ और दान का विशेष महत्व है और इससे व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है। उन्होंने यह भी कहा कि अक्षय तृतीया का अर्थ है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल कभी समाप्त नहीं होता, इसलिए लोगों को अच्छे कर्म करने चाहिए।



