मेदिनीपुर में पीएम मोदी का संबोधन: टीएमसी पर भ्रष्टाचार, वोट बैंक और नीतिगत विफलताओं के आरोप

रविवार को पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर में विजय संकल्प सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीएमसी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में युवाओं की भर्ती, शिक्षकों की नियुक्ति और मध्याह्न भोजन योजना में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चक्रवात प्रभावितों के लिए भेजी गई राहत राशि का गलत उपयोग किया गया।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इस बार का चुनाव केवल राजनीतिक दलों का नहीं है, बल्कि यह बंगाल की जनता, युवाओं, किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से लड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे जहां भी जा रहे हैं, वहां यही माहौल देखने को मिल रहा है और इसी कारण टीएमसी के लोग डर में हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य में लोग हर कथित अन्याय और अत्याचार का जवाब देने की बात कर रहे हैं। उनके अनुसार, पूरे बंगाल में परिवर्तन की मांग और भाजपा के समर्थन में नारे सुनाई दे रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि भाजपा सरकार बनने पर विकास के साथ-साथ भ्रष्टाचार और कथित लूट की पूरी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि राज्य में भाजपा की सरकार बनती है तो किसान सम्मान निधि की राशि सीधे किसानों के खातों में 9 हजार रुपये पहुंचाई जाएगी। उन्होंने दावा किया कि इससे किसानों को बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी और उन्हें उनकी उपज का सही मूल्य प्राप्त होगा।
उन्होंने मछली उत्पादन के संदर्भ में कहा कि डबल इंजन सरकार बनने पर बंगाल में नीली क्रांति को बढ़ावा दिया जाएगा और राज्य को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। उन्होंने अन्य भाजपा शासित राज्यों में उत्पादन वृद्धि का उल्लेख करते हुए बंगाल में अपेक्षित प्रगति न होने का कारण टीएमसी की नीतियों को बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने टीएमसी पर केवल एक विशेष वोट बैंक पर ध्यान देने का आरोप लगाया। उन्होंने संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के मुद्दे पर चर्चा का उल्लेख करते हुए कहा कि टीएमसी ने इस प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया। उन्होंने आरक्षण और महिला प्रतिनिधित्व से जुड़े विषयों पर टीएमसी की भूमिका पर भी सवाल उठाए।



